- क्षत-विक्षत शव रेलवे लाइन पर पड़ा मिला, इलाके में मचा हड़कंप
- पुलिस जांच-पड़ताल में जुटी, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। बीते 15 जनवरी 2026 को सरोजनीनगर क्षेत्र में पारा निवासी एक 15 वर्षीय किशोरी की हत्या कर रेलवे ट्रैक पर फेंकी गई लाश का मामला थमा भी नहीं थमा कि अब रहीमाबाद थाना क्षेत्र में दो सहेलियों की ट्रेन से कटकर संदिग्ध हालात में मौत हो गई। बुधवार को जमोलिया रेलवे फाटक के पास उनका क्षत-विक्षत शव रेलवे लाइन पर पड़ा मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस इसे ट्रेन के आगे कूदकर जान देने की बात बताकर पड़ताल कर रही है, जबकि स्थानीय लोग इनके साथ कोई अनहोनी होने की आंशका जता रहे हैं। जांच-पड़ताल में जुटी पुलिस का कहना है कि इस मामले में कई बिंदुओं पर गहनता से छानबीन की जा रही है।
पूरे घटनाक्रम पर एक नजर
रहीमाबाद थाना क्षेत्र स्थित मनकौटी गांव निवासी बुद्धा लाल व अशर्फी लाल खेती-किसानी कर परिवार का जीवन यापन करते हैं। बताया जा रहा है कि बुद्धा लाल की 23 वर्षीय बेटी नीतू व अशर्फी लाल की 20 वर्षीय बेटी शशि दोनों एक-दूसरे की सहेली थीं। बुधवार सुबह शशि घर की दहलीज पर काम कर रही थी कि इसी दौरान नीतू उसके घर आई और दोनों बातचीत करते हुए घर से दूर जमोलिया रेलवे फाटक तक पहुंच गईं। बताया जा रहा है कि इस दौरान घरवालों को सूचना मिली कि शशि और नीतू का क्षत-विक्षत शव रेलवे लाइन पर पड़ा है। यह सुनते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया और आनन-फानन में भागकर मौके पर पहुंचे और इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस मामले की छानबीन कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बुधवार सुबह ससुराल से मायके आई थी नीतू
बुद्धा लाल की 23 वर्षीय बेटी नीतू की आठ महीने पहले उन्नाव जिले के औरास थाना क्षेत्र स्थित धनिया गांव निवासी ईशू से हुई थी, जबकि अशर्फी लाल की 20 वर्षीय बेटी शशि की अभी शादी नहीं हुई थी। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी और एक-दूसरे पर जान छिड़कती थीं। बुधवार सुबह नीतू ससुराल से मायके आई और भागकर पहले अपनी सहेली शशि से मिलने गई थी। जमोलिया रेलवे फाटक तक दोनों सहेलियां क्यों गईं और वहां क्या काम था यह सवाल फिलहाल हर किसी को बेचैन कर रहा है। पुलिस अफसरों की मानें तो इस मामले में गहनता से छानबीन की जा रही है।
