भारतीय सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर रिकॉर्ड तेजी दर्ज की है। शादी-ब्याह के सीजन के बीच आई इस अचानक उछाल ने जहां आम ग्राहकों की जेब पर असर डाला है, वहीं निवेशकों के लिए यह तेजी फायदे का सौदा साबित हो रही है। बाजार खुलते ही कीमती धातुओं में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिससे भाव आसमान पर पहुंच गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में एक ही दिन में भारी उछाल दर्ज किया गया। सुबह करीब 9 बजे चांदी 12,600 रुपये से ज्यादा की तेजी के साथ 2,62,000 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई। यह बीते कई महीनों की सबसे बड़ी एकदिनी बढ़त मानी जा रही है। वहीं सोने की कीमतों में भी करीब 2200 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी देखने को मिली। सोने के अलग-अलग कैरेट के भाव की बात करें तो 24 कैरेट गोल्ड 1,57,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा। 22 कैरेट सोना 1,44,000 रुपये और 18 कैरेट गोल्ड 1,17,800 रुपये के करीब पहुंच गया। लगातार बढ़ते दामों ने उन ग्राहकों को चिंता में डाल दिया है, जो शादी या किसी शुभ अवसर के लिए जेवर खरीदने की योजना बना रहे थे।
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क्यों अचानक बढ़े सोना-चांदी के भाव?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी के पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं। वैश्विक बाजार में डॉलर की कमजोरी ने सोने-चांदी को सपोर्ट दिया है। इसके अलावा, मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक शेयर बाजार से दूरी बनाकर सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं। सोना और चांदी पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माने जाते हैं, जिससे इनकी मांग बढ़ गई है। देश के भीतर भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। भारत में इस समय शादी का सीजन जोरों पर है। ज्वेलरी की मांग में अचानक आई तेजी ने सप्लाई पर दबाव बनाया है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। मांग और आपूर्ति के इस अंतर ने सर्राफा बाजार में आग लगा दी हैं।
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खरीदार और ज्वेलर्स क्या कह रहे हैं?
दिल्ली, मुंबई और जयपुर जैसे बड़े सर्राफा बाजारों में ज्वेलर्स का कहना है कि उन्हें कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद थी, लेकिन इतनी तेज छलांग ने सभी को चौंका दिया। कई ग्राहक, जो आज खरीदारी करने वाले थे, अब भाव स्थिर होने या गिरावट का इंतजार कर रहे हैं। वहीं कुछ निवेशक इस तेजी को भविष्य के लिहाज से सकारात्मक मान रहे हैं।
आगे क्या रह सकता है ट्रेंड?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात ऐसे ही बने रहे और डॉलर में कमजोरी जारी रही, तो सोने-चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि शॉर्ट टर्म में मुनाफावसूली से थोड़ी राहत मिल सकती है।
