- एक जाति पर फिल्म रीलिज करने वालों के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
- नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई फिल्म में एक जाति को बनाया निशाना,
- मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई कार्रवाई, तलाश शुरू
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। सोशल मीडिया ओटीटी प्लेटफॉर्म नेट पर एक विशेष समुदाय (ब्राम्हण) को निशाना बनाते हुए जारी हुई फिल्म बेबसीरीज घूसखोर पंडत के डायरेक्टर और उसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह की तहरीर पर 23/2026 धारा 160,299,352,353 बीएनएस व 66 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह के मुताबिक इस फिल्म में एक समुदाय को निशाना बनाया गया और इस फिल्म का नाम घूसखोर पंडत रखा। सोशल मीडिया पर विवादित फिल्म प्रसारित होते ही लोगों का ग़ुस्सा फूट पड़ा और जगह-जगह धरना प्रदर्शन करने की तैयारी में जुट गए, लेकिन इंस्पेक्टर हजरतगंज की सूझबूझ से रंग लाई वह खुद ही वादी बनकर पंडितों के सम्मान में मैदान में आ गए। इंस्पेक्टर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज होने की खबर मिलते ही नाराज लोगों का ग़ुस्सा शांत हुआ।
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इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया ओटीटी प्लेटफॉर्म नेट फिलिक्स देखा गया कि उसमें एक फिल्म बेबसीरीज जिसका नाम घूसखोर पंडत है और उसके डायरेक्टर एवं उसकी टीम द्वारा प्रसारित कर उसमें खासकर एक समुदाय (ब्राम्हण) को निशाना बनाया गया। इस फिल्म ने तनाव जैसे हालात बनाने की कोशिश की गई। इस विवादित फिल्म में एक विशेष समुदाय को अपमानित किया जा रहा, जिसे लेकर ब्राह्मण समाज में बेहद आक्रोश व्याप्त है। यही नहीं इस फिल्म को लेकर कई सामाजिक संगठनों एवं संस्थाओं ने भी जमकर नाराजगी जताई।
सोशल मीडिया पर वायरल होते ही यूपी के योगी आदित्यनाथ को दखल देना पड़ा और तत्काल प्रभाव से विवादित फिल्म के डायरेक्टर और उसके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का फरमान जारी किया। मुख्यमंत्री का सख्त आदेश जारी होते हुए कोई आगे नहीं आया, लेकिन इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह पंडितों के सम्मान में आगे आए और फिल्म के डायरेक्टर व उसके साथियों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। जैसे ही विशेष समुदाय और गुस्साए संगठनों को इसकी जानकारी हुई तो इंस्पेक्टर हजरतगंज की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि हो तो ऐसा स्टेशन अफसर जो खुद ही वादी बनकर इतिहास रच दिया।
