अंकिता हत्याकांड मामले में चल रहा जन आंदोलन और तेज़ होगा, आठ को होगी महा पंचायत

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नया लुक ब्यूरो

देहरादून। अंकिता भंडारी मामले में वीआईपी के नाम के खुलासे और न्याय की मांग को लेकर चल रहा जन आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज़ होने जा रहा है। इसी क्रम में 8 फरवरी को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाली महापंचायत को सफल बनाने हेतु शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में 40 से अधिक सामाजिक-राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी विपक्षी राजनीतिक दलों ने भी महापंचायत में शामिल होने की सहमति जताई है। उत्तराखंड के सांस्कृतिक गौरव गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी ने भी महापंचायत के समर्थन में अपील जारी की है। बैठक में मौजूद संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महापंचायत को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का संकल्प लिया। आयोजन के सुचारु संचालन के लिए सुरक्षा समिति और अनुशासन समिति का गठन किया गया। साथ ही यह नारा दिया गया कि उत्तराखंड के हर परिवार से कम से कम एक-दो व्यक्ति महापंचायत में अवश्य शामिल हों।

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बैठक में सरकार के रवैये को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित सीबीआई जांच को लेकर अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। जनता की मांग केवल सीबीआई जांच नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच की है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि राज्य सरकार ने जांच की संस्तुति केंद्र को भेजी है या नहीं, तथा जांच का दायरा क्या होगा। वक्ताओं ने कहा कि सरकार का रवैया यह दर्शाता है कि सीबीआई जांच की घोषणा केवल 11 जनवरी के बंद को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई थी। जनता इस मंशा को समझ चुकी थी, यही कारण है कि बंद को व्यापक समर्थन मिला। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 8 फरवरी की महापंचायत के बाद भी आंदोलन लगातार जारी रहेगा। महापंचायत में ही फरवरी माह के आगामी कार्यक्रमों का कैलेंडर जारी किया जाएगा, जिसके अंतर्गत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर तक आंदोलन चलाया जाएगा।

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बैठक में बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति रही। युवाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार का यही रवैया रहा, तो उत्तराखंड में राजनीतिक परिवर्तन के लिए विकल्प तलाशना अपरिहार्य होगा। ऐसा न होने की स्थिति में 2027 में युवाओं के बीच भ्रम की स्थिति बनेगी, जिसका सीधा लाभ सत्ताधारी दल को मिलेगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि महापंचायत में अंकिता न्याय से संबंधित बैनर-पोस्टर-झंडों को स्वीकार स्वीकार किया जाएगा। पूरी कार्यवाही महिलाओं, युवाओं, पूर्व सैनिकों और सक्रिय कार्यकर्ताओं से गठित संचालन समिति की देखरेख में संपन्न होगी। सभी राजनीतिक दलों द्वारा दिए जा रहे समर्थन और सहयोग की सराहना की गई। महिला संगठनों ने विशेष रूप से कहा कि राज्य में बढ़ती नशा संस्कृति, रिजॉर्ट संस्कृति और उत्तराखंड को “थाईलैंड” बनाने जैसी सोच को अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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