प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) से जुड़े बहुचर्चित लोन घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने कंपनी के पूर्व प्रेसिडेंट पुनीत गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों के तहत की गई है।
ईडी का आरोप है कि अनिल अंबानी समूह ने 40 हजार करोड़ रुपये के लोन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की। बैंकों से लिए गए कर्ज का उपयोग तय उद्देश्यों के बजाय विदेशी सहायक कंपनियों और अन्य संस्थाओं के माध्यम से डायवर्ट किया गया। एजेंसी के मुताबिक, पुनीत गर्ग ने 2001 से 2025 तक आरकॉम में विभिन्न अहम पदों पर रहते हुए इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई।
ईडी हिरासत और गिरफ्तारी की जानकारी
दिल्ली की एक विशेष अदालत ने पुनीत गर्ग को नौ दिनों की ईडी हिरासत में भेजा है। उन्हें गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि गर्ग ने अवैध धन को छिपाने, लेयरिंग करने और ठिकाने लगाने में प्रमुख भूमिका निभाई।
गिरफ्तारी से दो दिन पहले ही ईडी ने पुनीत गर्ग की पत्नी के नाम पर मौजूद शेयर और म्यूचुअल फंड्स को जब्त किया था। एजेंसी का दावा है कि ये निवेश कथित घोटाले की रकम से खरीदे गए थे। इससे पहले से ही उनके खिलाफ गिरफ्तारी की अटकलें तेज हो गई थीं।
अनिल अंबानी समूह की मुश्किलें बढ़ी
पुनीत गर्ग की गिरफ्तारी से आरकॉम और अनिल अंबानी समूह की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। कंपनी पहले से ही भारी कर्ज संकट और दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है। कई बैंक इस लोन घोटाले के चलते गंभीर वित्तीय संकट में बताए जा रहे हैं।
फिलहाल, रिलायंस ग्रुप की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
