महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब एनसीपी नेता सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने शाम करीब पांच बजे उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन गईं। यह शपथ ग्रहण उनके पति और पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद हुआ है, जिसने राज्य की राजनीति को झकझोर कर रख दिया था।
शपथ ग्रहण से पहले मुंबई स्थित विधान भवन में एनसीपी विधायक दल की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में पार्टी के सभी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। इस निर्णय के बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का रास्ता साफ हो गया। एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि विधायक दल के नेता चुने जाने से संबंधित पत्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपा जाएगा।
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर महाराष्ट्र लोक भवन में तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। शपथ से पहले सुनेत्रा पवार राज्य विधानसभा से रवाना हुईं, जहां उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता नजर आए। इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य की राजनीति और मीडिया की नजरें टिकी रहीं।
इसी बीच एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने पार्टी के भविष्य को लेकर बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि एनसीपी (शरद पवार गुट) के साथ संभावित विलय पर अंतिम फैसला सुनेत्रा पवार ही लेंगी। भुजबल ने स्पष्ट किया कि फिलहाल पार्टी का प्राथमिक काम नया नेता चुनना था, जिसे पूरा कर लिया गया है। वहीं, विधायक संग्राम जगताप ने भी कहा कि विलय जैसे बड़े फैसले पार्टी नेतृत्व द्वारा सामूहिक रूप से लिए जाएंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री बनना न सिर्फ एनसीपी के लिए, बल्कि महायुति सरकार के संतुलन के लिहाज से भी अहम है। आने वाले दिनों में उनके फैसले महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।
