भारतीय क्रिकेट टीम ने भले ही न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल सीरीज अपने नाम कर ली हो, लेकिन चौथे मुकाबले में मिली हार ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मैच में टीम इंडिया का प्रदर्शन हर विभाग में कमजोर नजर आया। गेंदबाजी में धार नहीं दिखी और बल्लेबाजी में भी शुरुआती झटकों से टीम उबर नहीं पाई। ऐसे में सवाल उठता है कि इस हार का असली जिम्मेदार कौन है।
चौथे टी20 मैच में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। कीवी टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 215 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारतीय गेंदबाज शुरुआती विकेट लेने में नाकाम रहे और डेथ ओवरों में भी रन रोकने में असफल रहे। 216 रन का लक्ष्य बड़ा जरूर था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजी लाइन-अप को देखते हुए इसे असंभव नहीं माना जा रहा था।
भारत की पारी की शुरुआत बेहद खराब रही। अभिषेक शर्मा पहली ही गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में आउट हो गए। इससे टीम पर तुरंत दबाव बन गया। इसके बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव क्रीज पर आए, जिनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे भी केवल 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। लगातार दो झटकों ने भारत की रनचेज को मुश्किल बना दिया।
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इसके बाद जिम्मेदारी थी मध्यक्रम को संभालने की। रिंकू सिंह और संजू सैमसन क्रीज पर मौजूद थे। रिंकू ने एक छोर संभालने की कोशिश की, लेकिन संजू सैमसन से जिस तरह की पारी की उम्मीद थी, वह देखने को नहीं मिली। संजू ने 15 गेंदों में 24 रन बनाए और आउट हो गए। हालांकि उनका स्ट्राइक रेट अच्छा था, लेकिन टीम को इस समय तेज नहीं, बल्कि टिककर खेलने वाली बड़ी पारी की जरूरत थी।
संजू सैमसन के आउट होते ही भारत की जीत की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। रिंकू सिंह ने 39 रन की पारी खेली और शिवम दुबे ने बाद में कुछ बड़े शॉट लगाए, लेकिन तब तक रन रेट काफी बढ़ चुका था। निचले क्रम से वह सहयोग नहीं मिला, जो ऐसे बड़े लक्ष्य के लिए जरूरी होता है।
कुल मिलाकर इस मैच में गेंदबाजों की नाकामी और शीर्ष क्रम की विफलता बराबर की रही, लेकिन जिस मोड़ पर संजू सैमसन आउट हुए, वहीं से मैच न्यूजीलैंड के पक्ष में चला गया। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि इस हार के लिए संजू सैमसन सबसे बड़े जिम्मेदार नजर आए।
