एक राष्ट्र, एक कर” की भावना के अनुरूप एक टैक्स की लागू करे सरकार: अमरनाथ

  • बजट को लेकर व्यापारियों ने प्रस्तुत किए सुझाव
  • आम बजट 2026-27 में कर प्रणाली को सरल बनाने के लिए की मांग

लखनऊ। आगामी एक फरवरी 2026 को प्रस्तुत होने वाले आम बजट 2026-27 के संदर्भ में बुधवार को व्यापारियों की एक बैठक अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें देश की कर व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी एवं व्यापार-अनुकूल बनाने हेतु विभिन्न सुझावों पर चर्चा की गई। अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने बताया कि सात जनवरी 2026 को सरोजनीनगर विधायक राजेश्वर सिंह एवं मेल के माध्यम से कर सुधार हेतु एक ज्ञापन वित्त मंत्री भारत सरकार को प्रेषित किया गया था। बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि सरकार “एक राष्ट्र–एक कर” की भावना के अनुरूप एक ट्रेड – एक टैक्स की व्यवस्था लागू करे, जिससे व्यापारियों को जटिल कर संरचना से राहत मिल सके। व्यापारियों ने सरकार के समक्ष यह मांगे रखने रखने का निर्णय लिया।

ये भी पढ़े

जेलर राजेश राय को मिली कन्नौज जेल की जिम्मेदारी

पार्टनरशिप फर्मों पर कर दरों का युक्तिकरण किया जाए ताकि छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को राहत मिल सके। जीएसटी पंजीकरण सीमा बढ़ाई जाए, सेवाओं के लिए ₹50 लाख एवं वस्तुओं के लिए ₹1 करोड़ की जाए। टीडीएस दरों को सरल बनाते हुए केवल दो दरें (1% एवं 5%) लागू की जाएँ। पार्टनरशिप फर्मों में पार्टनर्स को दिए जाने वाले वेतन/पारिश्रमिक को पूर्ण रूप से खर्च की कटौती में शामिल किया जाए। एक ही वस्तु पर समान कर दर होने की स्थिति में केवल एक एचएसएन कोड रखा जाए।
जीएसटी पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण छोटे व्यापारियों पर अनावश्यक पेनल्टी एवं ब्याज का बोझ न डाला जाए। जीएसटी अधिनियम की धारा 9(3) से संबंधित जटिल प्रावधानों को समाप्त कर प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड होने के बावजूद भौतिक सत्यापन के नाम पर अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न बंद किया जाए।

ये भी पढ़े

मंहगाई की तरह जेल में भी सुविधाओं के दामों में हुई बढ़ोत्तरी

फर्जी फर्मों पर रोक लगाने के लिए नए पंजीकरण के समय ही पूर्ण सत्यापन किया जाए ताकि वास्तविक व्यापारी प्रभावित न हों। आईटीसी मिसमैच की नोटिस उसी माह या उसी वित्तीय वर्ष में जारी की जाए, जिससे व्यापारी समय रहते सुधार कर सके। श्री मिश्र ने आम बजट पर अपनी बात रखते हुए कहा कि यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को गति देने का प्रयास तो करता है, लेकिन व्यापारियों की जमीनी समस्याओं के समाधान के लिए अभी और ठोस कदमों की आवश्यकता है। उन्होंने विशेष रूप से छोटे एवं मध्यम व्यापारियों पर कर संबंधी बोझ को कम करने, जीएसटी प्रक्रिया को सरल बनाने तथा व्यापार को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यदि सरकार “व्यापार बढ़े – देश बढ़े” की भावना से निर्णय ले, तो रोजगार सृजन और बाजार की मजबूती दोनों सुनिश्चित की जा सकती हैं। बैठक में चेयरमैन राजेंद्र कुमार अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, अशोक मोतियानी भारत भूषण गुप्ता अरुण अवस्थी नसीम अंसारी युवा वरिष्ठ महामंत्री सुमित गुप्ता युवा महांत्री प्रियंक गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी आगामी आम बजट को लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

homeslider International Politics

बालेन सरकार में नर्स बनी स्वास्थ्य मंत्री

संपूर्ण नर्सिंग परिवार के लिए गौरव का क्षण – एम्स कॉलेज ऑफ नर्सिंग नई दिल्ली उमेश चन्द्र त्रिपाठी काठमांडू। नेपाल में नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व में नई सरकार ने कमान संभाल ली है। इस सरकार में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी से संबद्ध रखने वाली मेडिकल प्रोफेशनल निशा मेहता को स्वास्थ्य मंत्रालय की अहम जिम्मेदारी […]

Read More
homeslider International Politics

पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश कुमार लेखक की गिरफ्तारी से नेपाल में पसरा सन्नाटा

दहशत में हैं भ्रष्टाचारी नेता और अफसर उमेश चन्द्र त्रिपाठी काठमांडू।  नेपाल में सत्ता परिवर्तन की अनुभूति का आगाज आगजनी और प्रदर्शनों से होगा, नेपाल की जनता ने ऐसा नहीं सोचा था। ठीक है राजनीति में “बदले की भावना” भी एक अध्याय है लेकिन इसके लिए थोड़ा इंतजार ठीक था। माना कि पूर्व पीएम और […]

Read More
Education homeslider International

नेपाल में शिक्षा माफियाओं पर बालेन सरकार का शिकंजा

15 दिनों में कोचिंग सेंटर बंद करने का आदेश उमेश चन्द्र त्रिपाठी भैरहवा। नेपाल की बालेन सरकार ने शिक्षा के नाम पर चल रहे कोचिंग धंधे पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि अब एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी और ब्रिज कोर्स के नाम पर छात्रों और […]

Read More