रणविजय सिंह
सिद्धौर/बाराबंकी। बाराबंकी के सिद्धौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जिला चिकित्सा अधिकारी (DMO) डॉ. सुजाता ठाकुर ने आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया। यह प्रशिक्षण आठ फरवरी को फाइलेरिया दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में DMO ने बताया कि गांव-गांव में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) के तहत सभी योग्य लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाएं (जैसे DEC और एल्बेंडाजोल) कैसे सुरक्षित रूप से दी जाएंगी। दवा खाली पेट नहीं लेनी है, गर्भवती महिलाओं, दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गंभीर बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाती।
इससे फाइलेरिया जैसी परजीवी बीमारी को जड़ से खत्म करने में मदद मिलेगी, जो मच्छर के काटने से फैलती है और हाथ-पैर में सूजन पैदा करती है। प्रशिक्षण में CHC प्रभारी कुमार संजय पांडे, विजय कुमार सहित कई आशा कार्यकर्ता जैसे सलोनी, सीमा, बिंदेश्वरी, सरोजिनी, सरिता और आरती मौजूद रहीं। अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए आशा बहनों की भूमिका अहम है।
