वरद-कुंद चौथ व्रत आज है, जानिए शुभ मुहूर्त व पूजन विधि और महत्व

Ganesh Chaturthi NayaLook

राजेन्द्र गुप्ता

धर्म ग्रंथों के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि बहुत खास होती है। इसे तिलकुंद और वरद चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान श्रीगणेश के साथ-साथ चंद्रमा की पूजा का भी विधान है। इस व्रत को करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और हर तरह से संकटों से छुटकारा मिलता है, ऐसा पुराणों में लिखा है।

वरद-तिल-कुंड चतुर्थी 2026 शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, माघ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ 22 जनवरी 2026 को 02:47am पर होगा। चतुर्थी तिथि का समापन 23 जनवरी को 02:298 am पर होगा। चतुर्थी मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 1 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इस दिन मध्याह्न काल में भगवान गणेश का पूजन करना अत्यन्त शुभ माना जाता है। वहीं वर्जित चंद्रोदय का समय शाम 5 बजकर 26 मिनट से रात 8 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।

ये भी पढ़े

विभागीय जेल परिक्षेत्रों पर IPS और DIG का कब्जा!

वरद-तिल-कुंड चतुर्थी का महत्व

वरद-तिल-कुंड चतुर्थी को तिलकूट चतुर्थी को व्रत किया जाता है और इस दिन भगवान श्रीगणेश का पूजा पूरी श्रद्धा के साथ की जाती है। हिंदु पुराणों में इस चतुर्थी को बहुत ही विशेष महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि यह व्रत महिलाओं के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होता है

क्यो करें वरद-तिल-कुड चतुर्थी

भगवान गणेश जी की पूजा पूरी विधि से करने से भक्त को मानसिक सुख व शान्ति मिलती है। इसके साथ ही यह व्रत करने वाले भक्तों के जीवन सभी प्रकार के सुख और समृद्धि वास होता है। महिलाओं के द्वार इस प्रकार से व्रत करने से उनके परिवार के अन्य सभी लोगों की व्यवसाय में भरपूर तरक्की होती है। भक्त के दाम्पत्य जीवन में और अधिक सुख बढ़ता है और उन्हें अखंड सौभाग्य मिलता है।

वरद-तिल-कुंड चतुर्थी पूजन विधि

  • वरद-तिल-कुंड चतुर्थी  के दिन सुबह जल्दी उठकर साफ-स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  • श्रीगणेश की पूजा करते समय भक्त को अपना मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिये क्योंकि यहा शुभ माना जाता है।
  • इसके बाद साफ व शांत चित्त के साथ आसन पर बैठकर भगवान श्रीगणेश का पूजन करें।
  • धूप-दीप जलाने के बाद भगवान गणेश को फल, फूल, चावल, रौली, मौली चढ़ाएं, पंचामृत से स्नान कराने के बाद तिल अथवा तिल-गुड़ का भोग लगायें।
  • पूजा के बाद भक्त को ‘ॐ श्रीगणेशाय नम:’ का जाप 108 जरुर करना चाहिये।
  • इसके बाद शाम के समय कथा सुनने के बाद भगवान गणेशजी की आरती करनी चाहिये।
  • भक्त इस शुभ दिन पर अपनी योग्यता के अनुसार गर्म कपड़े, कंबल, कपड़े व तिल आदि का दान कर सकते है।
  • पूजा के बाद गणेश मंदिर के पुजारी को भोजन भी कराना चाहिए।

Love Affair
Bihar Crime News homeslider

पति पत्नी के बीच आया वो, हत्या का आरोप पति और प्रेमिका पर

विवाहेत्तर सम्बन्धों के कारण नहीं थम रहा हत्याओं का दौर पटना में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ऑटो चालक की हत्या को पहले हादसा दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन जांच में सामने आया कि यह पूरी तरह से सुनियोजित साजिश थी। पटना के गर्दनीबाग निवासी ऑटो चालक चंदन […]

Read More
Bulldozer
homeslider Maharastra

‘यह UP-बिहार नहीं है…’ बुलडोजर एक्शन पर भड़का हाईकोर्ट, अफसरों को दी सख्त चेतावनी!

Bulldozer देश में कथित “बुलडोजर कार्रवाई” को लेकर बढ़ते विवादों के बीच Bombay High Court ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सोमवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम की कार्रवाई को आड़े हाथों लिया और इसे मनमाना करार दिया। UP या […]

Read More
Hindu
Analysis homeslider

लाहौर को फिर मिलने लगी हिंदू नाम वाली पहचान

Hindu लाहौर जिसे पाकिस्तान का दिल कहा जाता है, उस लाहौर  की आत्मा  सांझी सांस्कृतिक विरासत का जीता-जागता गवाह भी है। रावी के किनारे बसा यह शहर सदियों तक हिंदू, सिख, मुसलमान और बौद्ध सभ्यताओं की साझा थाती रहा है। 1947 से पहले लाहौर में हिंदू और सिख आबादी की एक बड़ी हिस्सेदारी थी। बाजारों […]

Read More