कन्नौज। कलक्ट्रेट पहुंचे बुजुर्ग दम्पति इच्छा मृत्यु की मांग करते हुए फफक कर रो पड़े। हाथ में इच्छा मृत्यु लिखी हुई पट्टिका पकड़ वह डीएम ऑफिस पहुंचे और अपने लेखपाल बेटे पर ही हत्या की साजिश रचने के गम्भीर आरोप लगा दिए। डीएम ने मामले की जांच कराने का भरोसा दिया है। बुजुर्ग दम्पति बाबूराम और उनकी पत्नी कमलेश कुमारी इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के भूड़पुरवा गांव के रहने वाले हैं। वह अपने छोटे बेटे देवेंद्र से परेशान हैं जोकि सिदार्थनगर जिले की इटवा तहसील में लेखपाल की पोस्ट पर तैनात है। बाबूराम और उनकी पत्नी कमलेश कुमारी ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को शिकायती पत्र सौंपा। जिसमें उन्होंने बताया कि छोटा बेटा देवेंद्र लेखपाल है और बड़े बेटे अनिल की पत्नी सरकारी टीचर है। जबकि मझिला बेटा शिवानंद आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इसके बावजूद खेती में मेरा साथ देकर उसने अपने दोनों भाइयों अनिल और देवेंद्र को पढ़ाने में सहयोग किया।

CPMT,मेडिकल प्रवेश परीक्षा और पीसीएस की तैयारियों के लिए तमाम कोचिंग में पैसा खर्च किया। ऐसे में जब शिवानन्द को दो एकड़ जमीन दान में दे दी तो देवेंद्र बौखला गया और अपने साले व ससुर की मदद से हम पति-पत्नी व मझले बेटे शिवानन्द की हत्या कराना चाहता है। वह लोग 15 जून 2025 को भी घर में घुसकर हमला कर चुके हैं। शिकायत करने पर पुलिस भी कोई कार्यवाही नहीं करती। ऐसे में मर जाना ही बेहतर हैं। इसलिए इच्छा मृत्यु की अनुमति प्रदान की जाए। पिता बाबूराम ने रोते हुए बताया कि वर्ष 2001 में देवेंद्र का नवोदय में दाखिला होना था, लेकिन प्रिंसिपल ने एडमिशन लेने से मना कर दिया।
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जिसके बाद वह इलाहाबाद हाईकोर्ट तक गए और एक साल केस लड़ा। इसके लिए 60 हजार रुपया लोन लिया था, जोकि अब ब्याज समेत 3 लाख हो गया है। बाबूराम ने बताया कि देवेंद्र ने 26 जनवरी 2023 में खुद की मर्जी से उमा नाम की लड़की से प्रेम विवाह कर लिया था। कुछ समय बाद उमा ने सुसाइड कर लिया। ऐसे में देवेंद्र के सामने तमाम समस्याएं आ गईं। उसे झंझटों से बचाने के लिए भाई शिवानन्द ने देवेंद्र को आठ लाख रुपए की मदद की थी। इसके बाद देवेंद्र ने छह जून 2025 को फिर परिजनों की सहमति के बिना शादी कर ली। अब उसके ससुर, साले और पत्नी मकान व खेती हड़पना चाहते हैं। (BNE)
