रूस में सड़कों पर झाड़ू लगा रहा है भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर

Untitled 6 copy 20
  •  एक लाख रुपये है सैलरी, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

नई दिल्ली। रूस से आई एक खबर ने सबको चौंका दिया है। यहां एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर कोडिंग छोड़कर सड़कों पर झाड़ू लगाने का काम कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस काम के बदले उसे हर महीने करीब 1 लाख रुपये की सैलरी मिल रही है, जो भारत में कई इंजीनियरों की शुरुआती सैलरी से भी ज्यादा है।

कौन है यह इंजीनियर?

26 साल के मुकेश मंडल इन दिनों रूस के सेंट पीटर्सबर्ग शहर में सफाईकर्मी के तौर पर तैनात हैं। मुकेश का बैकग्राउंड एक सॉफ्टवेयर डेवलपर का है और दावा किया गया है कि उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज टेक कंपनियों के साथ भी (डायरेक्ट या थर्ड पार्टी वेंडर के जरिए) काम किया है। कंप्यूटर की कीबोर्ड पर उंगलियां चलाने वाले हाथ अब रूस की सर्द सड़कों की सफाई कर रहे हैं।

ये भी पढ़े

उत्तराखंड में तैयार कुर्सी पर विराजमान होंगे उत्तर प्रदेश के CM योगी

सिर्फ मुकेश ही नहीं, आर्किटेक्ट और वेडिंग प्लानर भी शामिल

रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मुकेश अकेले नहीं हैं, बल्कि करीब 17 भारतीयों का एक समूह वहां सड़क सफाई का काम कर रहा है। ये सभी लोग लगभग चार महीने पहले रूस पहुंचे थे। इस ग्रुप में शामिल लोग भारत में अलग-अलग प्रोफेशन से जुड़े थे- कोई वेडिंग प्लानर था, कोई ड्राइवर तो कोई आर्किटेक्ट।

रूस क्यों दे रहा है इतनी सैलरी?

रूस में इन दिनों मजदूरों और कामगारों की भारी किल्लत (Labor Shortage) चल रही है। इसी कमी को पूरा करने के लिए रूसी कंपनियां विदेशों से लोगों को बुला रही हैं। सेंट पीटर्सबर्ग की जिस कंपनी ने इन भारतीयों को नौकरी दी है, वह उन्हें सैलरी के अलावा रहने, खाने और सुरक्षा की सुविधाएं भी मुहैया करा रही है। इन लोगों को महीने का करीब 1 लाख से 1.1 लाख रुपये मिल रहा है, जो मौजूदा ग्लोबल जॉब मार्केट की अनिश्चितता के बीच एक आकर्षक रकम है।

ये भी पढ़े

छी छी, फेमस होने के लिए इस एक्ट्रेस ने उठाया इतना घिनौना कदम, फोटो देखकर आप भी रह जायेंगे भौचक्के

कोई काम छोटा नहीं होता

मुकेश मंडल का कहना है कि उन्होंने यह काम मजबूरी में नहीं, बल्कि एक रणनीति के तहत अस्थायी तौर पर चुना है। उनका मकसद यहां कुछ समय काम करके अच्छे पैसे बचाना है, जिसके बाद वे भारत लौट जाएंगे। उनका मानना है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, असली महत्व मेहनत और ईमानदारी का है। सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल हो रही है। कुछ लोग इसे युवाओं की मेहनत और जज्बे के तौर पर देख रहे हैं, तो कुछ इसे भारत में बेरोजगारी और ब्रेन ड्रेन से जोड़कर चिंता जता रहे हैं।(BNE)

Spread the love

homeslider International

पाकिस्तान: गुरुद्वारे में सिख दंपति की हत्या, मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल

Pakistan Gurudwara incident : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक गुरुद्वारे के अंदर सिख सेवादार दंपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना मर्दान जिले के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई, जो पेशावर से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित है। स्थानीय पुलिस […]

Spread the love
Read More
Donald Trump Iran Deal
International

ईरान नीति पर ट्रंप का यू-टर्न, बातचीत के साथ सैन्य विकल्प का भी किया जिक्र

Donald Trump Iran Deal : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय चर्चा में आ गए हैं। ईरान के साथ तनाव कम करने और संघर्ष को समाप्त करने के लिए प्रस्तावित समझौते पर ट्रंप ने नया बयान देकर सभी को चौंका दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई […]

Spread the love
Read More
G7 Summit 2026
homeslider International

G7 शिखर सम्मेलन में PM मोदी का बड़ा संदेश, विकास का पैमाना सिर्फ GDP नहीं

G7 Summit 2026 : फ्रांस के इवियन शहर में आयोजित G7 Summit 2026 में PM नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं के सामने आर्थिक विकास को लेकर एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज दुनिया को विकास की परिभाषा बदलने की जरूरत है। केवल GDP और व्यापारिक आंकड़ों को विकास का […]

Spread the love
Read More