ओडिशा के खुर्दा जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने माता-पिता को बच्चों की सुरक्षा को लेकर सोचने पर मजबूर कर दिया है। बेगुनिया ब्लॉक के निधिपुर गांव में एक छह वर्षीय मासूम बच्चे की जान उस वक्त चली गई, जब वह खेल-खेल में एक छोटे गुब्बारे को मुंह से फुलाने लगा। दुर्भाग्यवश गुब्बारा उसकी सांस की नली में फंस गया और कुछ ही समय में यह खेल मौत में बदल गया।
मृतक बच्चे की पहचान तापस पैकराय के रूप में हुई है, जो अभय पैकराय का बेटा था। परिजनों के अनुसार, तापस ट्यूशन से लौटने के बाद घर पर चिप्स खा रहा था। चिप्स के पैकेट के अंदर उसे एक छोटा सा गुब्बारा मिला, जिसे उसने खिलौना समझ लिया। मासूम ने बिना किसी खतरे का अंदाजा लगाए उस गुब्बारे में मुंह से हवा भरने की कोशिश की।
गुब्बारा फुलाते समय अचानक बच्चे के मुंह के रास्ते गले में चला गया और सांस की नली में जाकर अटक गया। इसके बाद तापस को तेज घबराहट होने लगी और उसकी सांसें उखड़ने लगीं। बच्चे की हालत देखते ही घर में अफरा-तफरी मच गई। परिजन बिना समय गंवाए उसे नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे।
नकवी का विपक्ष पर बड़ा हमला, बोले– मैदान से भागने वालों को जनता दे रही करारा जवाब
अस्पताल में डॉक्टरों ने गुब्बारे को निकालने का भरसक प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई, जिसके बाद उसे खुर्दा जिला मुख्यालय अस्पताल रेफर किया गया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने तापस को मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
बच्चे के पिता अभय पैकराय ने बताया कि घटना के वक्त वह घर पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि जब वह बाहर से खाना लेकर लौटे, तब तक गांव के लोग उनके घर के बाहर इकट्ठा हो चुके थे। पत्नी से पूछने पर उन्हें पूरी घटना की जानकारी मिली। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें कभी अंदाजा भी नहीं था कि चिप्स के पैकेट में मिला एक छोटा सा गुब्बारा उनके बेटे की जान ले लेगा।
इस घटना के बाद ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि बच्चों के खाने-पीने के पैकेट में इस तरह की खतरनाक चीजें कैसे पहुंच रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे गुब्बारे, खिलौने और प्लास्टिक की वस्तुएं बच्चों के लिए बेहद जानलेवा साबित हो सकती हैं, खासकर जब वे उन्हें मुंह में डालते हैं।
यह हादसा एक कड़वी सीख है कि बच्चों को खेलने के दौरान अकेला न छोड़ें और उनके खाने-पीने की चीजों की सावधानीपूर्वक जांच करें। एक छोटी सी लापरवाही किसी परिवार से उसका सबसे अनमोल हिस्सा छीन सकती है।
