उत्तर प्रदेश। मैनपुरी की एक मेहनती नर्सिंग छात्रा आगरा के प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग डिप्लोमा की पढ़ाई कर रही थी। सुनहरे भविष्य के सपने लेकर वह एमएम गेट इलाके में किराए के कमरे में रहती थी। पढ़ाई के दौरान उसकी मुलाकात एक युवक से हुई, जो भी वहीँ पढ़ता था। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर प्यार का रंग चढ़ गया। छात्रा ने उस पर पूरा भरोसा किया, लेकिन युवक की नीयत कुछ और ही थी।
वीडियो कॉल के दौरान उसने चुपके से छात्रा के निजी पलों को रिकॉर्ड कर लिया। छात्रा को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। जब उसे युवक की गलत मंशा का पता चला, तो उसने रिश्ता तोड़ दिया और संपर्क बंद कर दिया। इससे आहत होकर युवक ने ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी। उसने आपत्तिजनक वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकियाँ दीं और अपनी गैरकानूनी मांगें मनवाने की कोशिश की। छात्रा ने हिम्मत से इनकार किया। जब धमकियाँ काम नहीं आईं, तो आरोपी ने हद पार कर दी। उसने छात्रा के सगे भाई के मोबाइल पर वे आपत्तिजनक वीडियो भेज दिए। इस घटना से पूरा परिवार सदमे में आ गया। मानसिक तनाव और अपमान से पीड़िता टूट गई। उसने तुरंत थाना मदन मोहन गेट में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। त्वरित कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके मोबाइल से वे सभी आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुईं। पुलिस ने आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और आरोपी को जेल भेज दिया। यह घटना हमें सिखाती है कि डिजिटल युग में भरोसा सावधानी से करना चाहिए। निजी पलों को साझा करने से पहले सोचना जरूरी है, क्योंकि एक गलत कदम जीवन भर का दर्द दे सकता है। महिलाओं की सुरक्षा और साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता बहुत जरूरी है।
