शिवसेना को रोकने के लिए भाजपा-कांग्रेस साथ आईं

bjp and congress alliance against shiv sena 1767762617
  • अंबरनाथ नगर परिषद में हुआ चौंकाने वाला राजनीतिक ‘खेला’

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर अप्रत्याशित मोड़ देखने को मिला है। ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद में एकनाथ शिंदे की शिवसेना को सत्ता से दूर रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने हाथ मिला लिया है। यह वही भाजपा है जो राष्ट्रीय स्तर पर “कांग्रेस-मुक्त भारत” का नारा देती रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के साथ गठबंधन करना राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है।

अंबरनाथ में क्यों बदला सियासी गणित

मुंबई से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित अंबरनाथ को शिंदे गुट की शिवसेना का मजबूत गढ़ माना जाता है। खुद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे इसी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। हाल ही में हुए नगर परिषद चुनावों में शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन उसे स्पष्ट बहुमत नहीं मिल सका। शिवसेना को उम्मीद थी कि उसकी सहयोगी भाजपा उसके साथ मिलकर नगर परिषद में सत्ता बनाएगी, लेकिन भाजपा ने आखिरी वक्त में कांग्रेस का हाथ थाम लिया।

‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ के नाम से बना गठबंधन

भाजपा और कांग्रेस के इस स्थानीय गठबंधन को “अंबरनाथ विकास अघाड़ी” नाम दिया गया है। इस गठबंधन के जरिए नगर परिषद में भाजपा समर्थित नेतृत्व स्थापित हो गया। हालांकि, इस फैसले से शिंदे गुट में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। शिवसेना शिंदे समूह ने इसे राजनीतिक विश्वासघात करार दिया है।

कागज़ों में सिमट कर रह गई LDA की सीलिंग कार्यवाही!

शिंदे गुट के विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के खिलाफ लगातार बयान देने वाली भाजपा ने अब उसी कांग्रेस से हाथ मिलाकर शिवसेना को कमजोर करने की कोशिश की है। उन्होंने इस गठबंधन को “अभद्र युति” बताते हुए कहा कि यह सत्ता के लिए किए गए समझौते का उदाहरण है।

श्रीकांत शिंदे ने क्या कहा

अंबरनाथ के घटनाक्रम पर सांसद श्रीकांत शिंदे का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह सवाल भाजपा से पूछा जाना चाहिए। शिवसेना हमेशा विकास की राजनीति करती रही है और आगे भी उसी रास्ते पर चलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा-शिवसेना का गठबंधन लंबे समय से चला आ रहा है और उसे कायम रहना चाहिए।

चुनावी आंकड़े क्या कहते हैं

अंबरनाथ नगर परिषद में कुल 60 सीटें हैं।

  • शिवसेना: 27 सीटें

  • भाजपा: 14 सीटें

  • कांग्रेस: 12 सीटें

  • एनसीपी: 4 सीटें

  • निर्दलीय: 2 सीटें

संख्या बल में आगे होने के बावजूद शिवसेना सत्ता से बाहर रह गई, जिसने पूरे मामले को और विवादास्पद बना दिया।

भाजपा की सफाई

भाजपा ने शिवसेना के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने शिंदे गुट से कई बार बातचीत की कोशिश की, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। भाजपा नेताओं का दावा है कि स्थानीय हालात को देखते हुए कांग्रेस के साथ गठबंधन करना मजबूरी थी, न कि कोई राजनीतिक चाल।

अंबरनाथ में बना यह नया समीकरण न सिर्फ स्थानीय राजनीति को प्रभावित करेगा, बल्कि महाराष्ट्र की गठबंधन राजनीति में भी तनाव बढ़ा सकता है। आने वाले दिनों में इस गठबंधन को लेकर बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

Spread the love

Mumbai
homeslider Maharastra

गणेशोत्सव में DJ पर बैन को लेकर घमासान, विपक्ष हमलावर; फडणवीस ने दिया बड़ा बयान

Mumbai: महाराष्ट्र में गणेशोत्सव से पहले DJ और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। पुणे में कुछ नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गणेश उत्सव के दौरान तेज आवाज वाले DJ पर रोक लगाने की मांग तेज कर दी है। इस मुद्दे को विपक्षी दलों का भी समर्थन मिल रहा […]

Spread the love
Read More
Mumbai
homeslider Maharastra

दही हांडी के जश्न में हादसे, पुणे में महिला की मौत; मुंबई में 22 गोविंदा घायल

Mumbai: महाराष्ट्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर दही हांडी उत्सव पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। जगह-जगह गोविंदा पथकों ने मानव पिरामिड बनाकर हांडी फोड़ने की परंपरा निभाई। हालांकि, इस दौरान हुए अलग-अलग हादसों ने त्योहार की खुशियों को मातम में बदल दिया। पुणे में एक अस्थायी लोहे का ढांचा गिरने से […]

Spread the love
Read More
Mumbai
Education homeslider Maharastra

मां ने घर के काम से रखा दूर, 14 घंटे पढ़कर बेटी बनीं डिप्टी कलेक्टर

Mumbai: अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत लगातार जारी रहे तो मुश्किल हालात भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। महाराष्ट्र की पूजा तानाजी गायकवाड़ की कहानी इसी जज्बे की मिसाल है। उन्होंने महज 22 साल की उम्र में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा में पूरे राज्य में दूसरी रैंक हासिल कर डिप्टी […]

Spread the love
Read More