- जमीन के खातिर ज्यादातर घटनाओं में करीबी लोग ही शामिल
- प्रयागराज जिले में हुई सनसनीखेज वारदात ने एक बार फिर किया पुराने जख्मों को ताजा
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। अपनों का कत्ल करने से वे नहीं हिचकते। पल भर में सीने में खंजर उतार देते हैं। धारदार हथियार से वार करते समय हाथ भी नहीं कांपते, लेकिन उनके इस खूनी खेल से धरती का कलेजा फट जाता है। बीते साल 2025 में यूपी भर में हत्या के मामलों में पुलिस ने घटना का राजफाश किया ज्यादातर खूनी गैर नहीं बल्कि अपने ही निकले। कोई दो गज जमीन के खातिर तो कोई प्रेमिका की चाहत तो कोई ऑनलाइन गेम के लिए अपने ही अपनों का कत्ल कर रिश्ते को कलंकित कर डाला।
प्रयागराज जिले के लोकापुर विशानी गांव निवासी 24 वर्षीय मुकेश कुमार ने महज दस बिसवा जमीन के लिए अपने 55 वर्षीय पिता रामसिंह, बहन साधना व 14 वर्षीय भांजी आस्था को कुल्हाड़ी से काट कर बेरहमी से मौत की नींद सुला दिया तो इस वारदात ने एक बार फिर पुराने जख्मों को ताजा कर दिया। बीते साल और हाल ही में जिस तरह से अपनों ने अपनों का खून बहाया, इससे यही लग रहा है कि अब सिर्फ नाम का ही रिश्ता रह गया है। जमीन-जायदाद के लिए हत्या करने वाले मामले में कोई भाई, पिता, मां या फिर अन्य रिश्ते में लगने वाले चाचा व मामा। किसी ने उनकी बात नहीं रखी तो वह खौफनाक कदम उठा लिया। यूपी के अलग-अलग जिलों में दर्जन भर से अधिक मामले इस बात के गवाह हैं कि किस कदर सामाजिक मूल्यों और सहनशीलता का क्षण हुआ है। प्रयागराज जिले में हुई घटना ने मानों हर किसी को हिलाकर रख दिया।
