मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला और अंततः बाजार लगभग सपाट बंद हुआ। दिनभर की उठा-पटक के बाद बीएसई सेंसेक्स 20.46 अंकों की गिरावट के साथ 84,675.08 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 3.25 अंक फिसलकर 25,938.85 पर पहुंच गया। बाजार को संभालने में बैंकिंग शेयरों की अहम भूमिका रही, जबकि आईटी, फार्मा और एफएमसीजी जैसे सेक्टरों में दबाव देखने को मिला।
कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी बैंक इंडेक्स 0.41 प्रतिशत की मजबूती के साथ 59,171.25 पर बंद हुआ। इसके अलावा ऑटो, पीएसयू बैंक और मेटल सेक्टर में चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। हालांकि आईटी, फार्मा, एफएमसीजी, रियल्टी, मीडिया और एनर्जी इंडेक्स लाल निशान में रहे, जिससे बाजार की तेजी सीमित हो गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी कमजोरी
विस्तृत बाजार की बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,914.25 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.28 प्रतिशत टूटकर 17,518.95 के स्तर पर बंद हुआ। इससे यह साफ है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बचते नजर आ रहे हैं।
किन शेयरों में रही तेजी और गिरावट
सेंसेक्स पैक में टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, भारतीय एयरटेल, एसबीआई, एलएंडटी, मारुति सुजुकी, अदाणी पोर्ट्स और सन फार्मा जैसे शेयरों ने मजबूती दिखाई। वहीं इटरनल (जोमैटो), इंडिगो, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक, आईटीसी, टाइटन और ट्रेंट जैसे शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा।
बाजार की धारणा क्यों कमजोर?
बीएसई पर कुल 1,918 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 2,260 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई और 169 शेयर बिना बदलाव के रहे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। इसके अलावा भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के नतीजों में देरी और तीसरी तिमाही के नतीजों को लेकर निवेशक सतर्क बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है, जब तक कि वैश्विक और घरेलू स्तर पर कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिलता।
