- मोटी रकम के आगे इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ भूले नियम-कानून पहुंच गए लाइन
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के तमाम कोशिशों के बावजूद जिम्मेदार स्टेशन अफसर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। राजधानी के कई थाना क्षेत्रों में भूमाफिया व गरीब मजलूमों की जमीनें कौड़ियों के भाव हड़प कर ले रहे हैं। इसमें कुछ पुलिस वालों ने भी उनकी मदद की है। पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर ने मंगलवार को जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों की नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है।
उन्होंने सबसे पहले दागी मिले इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी उपेन्द्र सिंह तत्काल प्रभाव से लाइन कर दिया है। एक रसूखदार सरेआम स्वस्तिका सिटी में आम रास्ता बंद कर निर्माण शुरू किया और इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी अंजान बने रहे। इंस्पेक्टर उपेन्द्र सिंह पर अवैध वसूली और जमीन कब्जा कराने की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस कमिश्नर ने लाइन हाजिर करने के साथ-साथ जांच के भी निर्देश दिए हैं। पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर के मुताबिक सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने सोमवार को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि जौनपुर जिले के महाराजगंज से ब्लाक प्रमुख के पति विनय सिंह द्वारा आम रास्ता बंद कर वहां पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। आरोप है कि विरोध करने पर गाली-गलौज कर मारपीट करने पर अमादा हैं। पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर ने इस मामले की गहनता से छानबीन करवाई तो इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी उपेन्द्र सिंह का अहम रोल सामने आया।
बताया जा रहा है कि इस मामले में मोटी रकम ऐंठ कर निर्माण कार्य कराने वाले का सहयोग करने पर इंस्पेक्टर उपेन्द्र सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन का रास्ता दिखा दिया। बताया जा रहा है कि अपने रसूख के बल पर आम रास्ते पर रास्ता बंद आनन-फानन में दीवार भी खड़ी कर दी। इससे साफ है कि इस मामले में कहीं न कहीं स्थानीय स्टेशन अफसर की जरूर अहम भूमिका निभाई होगी क्योंकि… लिहाजा दीवार खड़ी करने वालों का सहयोग करना ऊंची पहुंच रखने वाले इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी उपेन्द्र सिंह को भारी पड़ गया और पहुंच गए लाइन।
किसी भी स्टेशन अफसरों की शिकायत मिली तो बर्दाश्त नहीं: पुलिस कमिश्नर
पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर के मुताबिक कोई भी अधीनस्थ अवैध वसूली, अभद्रता, या फिर जमीन के मामले में दखल दिया तो कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अवैध कब्जा कराने या फिर अवैध वसूली की शिकायत मिली तो ठीक नहीं होगा। यह भी बताया कि कई थानेदारों के खिलाफ शिकायतें आई है और उनकी जांच की जा रही है।
