वीर बाल दिवस: राष्ट्र चेतना की प्रयोगशाला के रूप में उभरे परिषदीय व केजीबीवी विद्यालय

  • बालमन में जागी साहस, शौर्य और राष्ट्रभक्ति की चेतना, प्रदेश के 75 जनपदों में ‘वीर बाल दिवस’ का हुआ सफल आयोजन
  • प्रदेश के 75 जनपदों में स्थित लगभग 1.33 लाख परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में आयोजन
  • 1.48 करोड़ से अधिक बालक-बालिकाओं की सहभागिता, साहस, शौर्य, कर्तव्यबोध और राष्ट्रप्रेम के संस्कारों का हुआ व्यापक संचार
  • प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय तक ‘उम्र नहीं, संकल्प और शौर्य ही इतिहास रचते हैं’ का संदेश पहुंचा: संदीप सिंह
  • कार्यक्रम सहभागितापूर्ण, अनुशासित एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न

लखनऊ। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में प्रदेश भर में ‘वीर बाल दिवस’ का आयोजन आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में स्थित लगभग 1.32 लाख परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में यह आयोजन एक साथ आयोजित किया गया, जिसमें 1.48 करोड़ से अधिक बालक-बालिका विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की।

कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन न होकर, बालमन में साहस, शौर्य, कर्तव्यबोध एवं राष्ट्रभक्ति की चेतना के संस्कार रोपित करने का प्रभावी माध्यम बना। विद्यालयों में देश के वीर बालकों की प्रेरणादायी गाथाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि इतिहास उम्र से नहीं, बल्कि संकल्प और शौर्य से रचा जाता है। इस अवसर पर विद्यालयों में प्रार्थना सभा, वीर बालकों से जुड़ी प्रेरक कथाओं का वाचन, संवाद सत्र तथा रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रनिर्माण के मूल्यों से जोड़ा गया। नई दिल्ली में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का डिजिटल माध्यम से प्रसारण भी विद्यालयों में दिखाया गया, जिससे आयोजन की राष्ट्रीय भावना और अधिक सुदृढ़ हुई। शिक्षाविदों का मानना है कि ‘वीर बाल दिवस’ ने विद्यालयों को केवल शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि संस्कार, साहस और राष्ट्रचेतना की प्रयोगशाला के रूप में सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कोट : वीर बाल दिवस बच्चों में साहस, आत्मविश्वास और राष्ट्रप्रेम के संस्कारों को सुदृढ़ करता है। आज प्रदेश के हर विद्यालय तक यह संदेश पहुँचा है कि उम्र नहीं, बल्कि संकल्प और शौर्य ही इतिहास रचते हैं।

  •  संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश

विद्यालय स्तर पर आयोजित हुई ये गतिविधियां

इस अवसर पर विद्यालयों में चित्रकला, कविता पाठ, निबंध लेखन, पोस्टर निर्माण, वाद-विवाद एवं संवाद सत्र जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को वीर बालकों के जीवन, साहसिक निर्णयों और सामाजिक योगदान से परिचित कराया, जिससे बच्चों में प्रेरणा, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों का विकास हुआ।

चुस्त रही निगरानी व्यवस्था

कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु सोशल मीडिया एवं अन्य संचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा आयोजन की सतत निगरानी की गई। जनपदों से फोटोग्राफ, वीडियो एवं संक्षिप्त विवरण विभागीय स्तर पर भी संकलित किए गए। वीर बाल दिवस के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरक गाथाओं से जोड़ते हुए विद्यालयों में मूल्य-आधारित, नेतृत्वपरक और आत्मविश्वासपूर्ण शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया गया है।

  • मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

homeslider Uttar Pradesh

हापुड़ में छापेमारी के दौरान घर से 32 गैस सिलेंडर बरामद

उत्तर प्रदेश के Hapur जिले में प्रशासन की छापेमारी के दौरान एक घर से बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने कुल 32 सिलेंडर जब्त किए, जिनमें 18 भरे हुए और 14 खाली सिलेंडर शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई जिला […]

Read More
Analysis homeslider National

इच्छा मृत्यु पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला जीवन गरिमा और कानून के बीच गहरी बहस

भारत में जीवन के अधिकार को संविधान का सबसे महत्वपूर्ण अधिकार माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह बहस भी तेज हुई है कि क्या किसी व्यक्ति को गरिमा के साथ मरने का अधिकार भी होना चाहिए। गाजियाबाद के 31 वर्षीय हरीश राणा को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पैसिव इच्छामृत्यु की अनुमति दिए जाने […]

Read More
Analysis homeslider Raj Dharm UP

कांशीराम की विरासत पर सभी दलों की नजर, यूपी की राजनीति बदलने की होड़

उत्तर प्रदेश की राजनीति में कई प्रतीक ऐसे रहे हैं जिनकी विरासत समय-समय पर नई सियासी व्याख्या के साथ सामने आती है। बहुजन आंदोलन के प्रणेता कांशीराम भी ऐसे ही नेता हैं। 15 मार्च को उनकी जयंती हर साल बसपा मनाती रही है, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग है। कांग्रेस से लेकर समाजवादी पार्टी […]

Read More