जानलेवा रफ्तार: पुलिस नहीं रोक पा रही स्टंट का खेल, साल-दर-साल कईयो हो चुके शिकार

  • रहीमाबाद निवासी दिलीप रावत की गिरफ्तारी से एक बार फिर सच आया सामने
  • 1090 चौराहे पर बेधड़क होकर दौड़ती थार गाड़ी पर कर रहा स्टंट

ए अहमद सौदागर

लखनऊ। महंगी कार हो या फिर महंगी मोटरसाइकिलों पर सवार नई उम्र के लड़के धड़ल्ले से सड़कों पर स्टंट करते नजर आ रहे हैं। इनकी तरफ न तो पुलिस ध्यान दे रही और न ही घरवाले। युवाओं के तेज रफ्तार लग्जरी कार व बाइक चलाने का शौक ने साल-दर-साल न जाने कितने लोगों को मौत के मुंह में धकेल दिया है। हालांकि स्टंट के दौरान होने वाले हादसों के बावजूद लोग सबक नहीं ले रहे हैं।

स्टंटबाजी करने वालों में कोई आम आदमी का बेटा नहीं बल्कि बड़े घर लाडला होता,जो पिता के रसूख का हवाला देते हुए सड़कों पर खूब फर्राटा भरते हैं। कभी पुलिस उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वह ऊंची पहुंच बताते हुए पुलिस पर रौब गांठने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते। पुलिस के आंकड़े कुछ भी हो, लेकिन कड़वा सच यह है कि स्टंट करने वालों की फेहरिस्त लंबी है। दो दिन पहले शहर के नामी-गिरामी चौराहा 1090 पर रहीमाबाद निवासी दिलीप रावत थार वाहन पर जिस तरह से स्टंट करते हुए रील बना रहा था उससे उसके लिए खतरा तो था ही वहीं आने-जाने वाले राहगीरों की भी जान जोखिम भरी थी। एक ओर जहां यातायात पुलिस जाम हटाने में ही व्यस्त रहती है, वहीं दूसरी ओर अपनी जान जोखिम में डालकर वाहन चलाते बेपरवाह बाइकर्स ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

शहर की सड़कों पर अक्सर स्टंट कर रील बनाने का मामला सामने आता रहता है और मोटरसाइकिल पर तीन से चार लोगों को सवार होते आसानी से देखा जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि जानलेवा रफ्तार से वाहन चला रहे लोगों को न तो अपनी फिक्र होती है और न ही दूसरे राहगीरों की। यही वजह है कि सड़क पर चलते लोग दूसरों की गलती से दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। दुर्घटना में मारे गए लोगों में कोई अपने परिवार का इकलौता होता है, तो किसी पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी होती, इसके बाद भी लोग लापरवाही बरतने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

बताते चलें कि बेखौफ होकर रहीमाबाद क्षेत्र स्थित नत्थू खेड़ा गांव निवासी निवासी दिलीप रावत गौतमपल्ली के 1090 चौराहे पर तेज रफ्तार से चल रही थार की टॉप पर खड़े होकर स्टंट कर रहा था। लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया खाकी वर्दी का उसकी सेहत पर असर नहीं पड़ा। पुलिस उस पर शिकंजा कसने की कोशिश की तो बिगड़ैल दिलीप रावत पुलिस से उलझते हुए अभद्रता शुरू कर दिया, लेकिन पुलिस पकड़कर थाने लाई और हवालात में ठूंस दिया। जैसे वह थाने की चहारदीवारी में पहुंचा तब जाकर महसूस किया कि पुलिस के साथ अच्छा नहीं किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। यह तो मानो बानगी भर है इससे पहले भी न जाने कितने बिगड़ैल पुलिस पर हावी हो चुके हैं।

Crime News

नगराम: पड़ोसी ने की थी पूनम की हत्या, कातिल गिरफ्तार

मृतका की बड़ी बहन की बेटी से शादी न होने पर था खफा हत्यारे की निशानदेही पर मृतका का पायल, लाकेट व टूटी चूड़ियां बरामद ए अहमद सौदागर लखनऊ। नगराम में सात जनवरी 2026 को गांव के बाहर सरसों के खेत में जिस महिला का मानव कंकाल मिला था उसकी जान किसी पेशेवर अपराधी नहीं […]

Read More
Crime News

एटा में सामूहिक नरसंहार से इलाके में दहशत

एक ही परिवार के चार लोगों का कत्ल डीआईजी सहित आलाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने भी की घंटों छानबीन पुलिस रंजिश सहित कई बिंदुओं पर गहनता से कर रही पड़ताल ए अहमद सौदागर लखनऊ। सूबे बेखौफ बदमाशों का आतंक थम नहीं रहा है। एटा जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र के […]

Read More
Crime News

वर्दी को किया दागदार: घूसखोर दरोगा व कंप्यूटर ऑपरेटर 25 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

एंटी करप्शन टीम ने पीड़ित की शिकायत पर रंगे हाथों पकड़ा ए अहमद सौदागर लखनऊ। एंटी करप्शन टीम ने 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते बाराबंकी जिले के बदोसराय थाने में तैनात उपनिरीक्षक सुरेश कुमार व कंप्यूटर ऑपरेटर अशफाक अहमद को गिरफ्तार कर लिया। दोनों घुसखोरों ने आरोपी बनने से बचाने के लिए पीड़ित से […]

Read More