दो टूक : …आखिर कौन है इंडिगो संकट का असल गुनहगार 

Untitled 7 copy 10

राजेश श्रीवास्तव

पिछल एक सप्ताह से देश की एक एयरलाइसं कंपनी ने न केवल देश की छवि खराब की बल्कि पूरे देश के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया। संकट ऐसा कि कोई अपने परिजनों की शव यात्रा में शामिल नहीं हो सका तो किसी की परीक्षा छूट गयी तो कुछ का विवाह भी अटक गया। कुछ लोग तो अपनों की अस्थियां तक नहीं ले जा सके। यह बेहद दुखद है। क्या इंडिगो संकट के लिए सिर्फ एयरलाइन दोषी है और सरकार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए ज़िम्मेदार नहीं हैं? दो साल पहले डीजीसीए ने नियम बनाए और एयरलाइन ने नियम को लागू नहीं किया तो सरकार, मंत्रालय और डीजीसीए क्या सो रहे थे? आख़रि जब हाहाकार मचा तो केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू क्यों कह रहे हैं कि सरकार सख्त कार्रवाई करेगी और हर एयरलाइन के लिए मिसाल कायम करेगी? यदि सरकार कार्रवाई करेगी तो किस किस पर, क्या अपने मंत्रालय और डीजीसीए पर भी कार्रवाई होगी?

दरअसल, भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के फ्लाइट कैंसिलेशन संकट ने पूरे विमानन क्षेत्र को हिला दिया है। दो दिसंबर से शुरू हुए इस संकट में हज़ारों उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। इससे हजारों यात्री दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे हवाई अड्डों पर फंस गए। शुक्रवार को 1600 से अधिक, शनिवार को 700 से ज्यादा और रविवार को 650 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस संकट के लिए सिर्फ इंडिगो जिम्मेदार है? दो साल पहले डीजीसीए द्बारा बनाए गए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन यानी एफडीटीएल नियमों को लागू न करने पर सरकार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए ने क्या किया था? सवाल ये उठ रहा है कि इसका जिम्मेदार कौन? क्या ऐसी परिस्थिति होने के बाद ही हम जागते हैं?
दुखद तो यह है कि ये दुर्भाग्यपूण परिस्थिति तब बनी जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत के दौरे पर थे। जब किसी एयरलाइन के पास देश के कुल ऑपरेशन का 65 से 70 फीसदी तक हिस्सेदारी रहेगी तो इस तरह की स्थिति आएगी ही। मुझे लगता है कि डीजीसीए को इसे देखना चाहिए था। आपने जो नियम बनाया क्या उसकी मॉनीटरिग की गई थी।

चौधरी गए- चौधरी आए, लेकिन किसी और की चली चौधराहट…

ये सवाल है। सबसे ज्यादा तो इंडिगो को ही देखना चाहिए था जिसकी इतनी बड़ी हिस्सेदारी है। मुझे लगता है कि इसमें केंद्र सरकार कि जिम्मेदार हो जो इस पूरे मामले को सही तरीके से हैंडल नहीं कर पाई। नागरिक उड्डयन मंत्रलाय की इसमें बड़ी विफलता रही है। दरअसल ये सारी चीजें सबको पता थीं। हमारे यहां होता क्या है कि जब तक दूध उबलकर गिरने लगता है तब तक कोई नहीं देखता है। जिसने भी ये किया है वो अक्षम्य है। मुझे लगता है कि सरकार और इंडिगो दोनों ही इसके जिम्मेदार हैं। इंडिगो की मोनोपॉली कैसी है वो सब सरकार को मालूम थी। कोई कानून बनाइये और उसमें कोई कमी दिखे तो उसे तुरंत सुधार करना चाहिए। जहां लाखों यात्री पांच-छह दिन तक परेशान रहे हैं। ऐसे में कहीं न कहीं तो जिम्मेदारी तय करनी ही पड़ेगी।

पायलट्स की भर्ती पिछले दो साल से इंडिगो में नहीं हो रही थी। पायलट्स पर डबल लोड डाला जा रहा था। ऐसे में पहली जिम्मेदारी तो इंडिगो की ही है। लेकिन असल में इसके जिम्मेदार डीजीसीए और नागरिक उड्डयन मंत्रालय हैं। यहां तक कि क्राइसिस के पहले तीन दिन तक तो नागरिक उड्डयन मंत्रालय तो पूरी तरह से गायब था। जब आत्मनिर्भर भारत इंडिगो जैसी किसी कंपनी पर निर्भर हो जाएगा तो इसी तरह कर्म भोगने पड़ेंगे। दो साल पहले डीजीसीए की ओर से नोट जारी किया गया। जनवरी 2024 में दूसरा नोट जारी होता है। और मई 2024 में इसका नोटिफिकेशन जारी हो जाता है। नवंबर तक नियम लागू करने को कहा जाता है। इसके बाद दो साल तक आंख मूंदकर बैठा रहता है। अचानक वह जागता है तो ये सब होता है। मेरा व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार डीजीसीए है। ये सारी क्राइसेस क्रिएटेड है। देश के एक बड़े नेता का इंडिगो में पैसा लगा है और वो पाला बदलने में भी उस्ताद हैं। इसलिए इंडिगो की मोनोपॉली बढ़ती चली गई।

जानकारों का मानना है कि भारत का तेजी से बढ़ता विमानन बाजार पांच बड़ी एयरलाइन्स को समर्थन दे सकता है, लेकिन एकाधिकार-जैसे हालात ने इंडिगो को लापरवाह बनाया। जून 2025 के एयर इंडिया क्रैश के बाद सुरक्षा जांचों ने अन्य एयरलाइन्स को सतर्क किया, लेकिन लगता है कि इंडिगो ने सबक नहीं सीखा। सरकार ने उच्च-स्तरीय जांच का आदेश दिया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह ‘मिसाल’ सिर्फ शब्दों तक सीमित रहेगी, या वास्तविक सुधार लाएगी? इंडिगो ने लगातार दूसरी बार यात्रियों से माफी मांगी है और दावा किया है कि वह अतिरिक्त पायलटों की भर्ती तेज कर रही है। कंपनी का कहना है कि अगले कुछ दिनों में परिचालन पूरी तरह सामान्य हो जाएगा। हालाँकि यात्रियों का ग़ुस्सा अभी ठंडा नहीं हुआ है।

ये भी पढ़े

यूपी के बाद अब 1000 करोड़ के अवैध कफ सीरप स्कैम में झारखंड कनेक्शन

इंडिगो संकट ने साबित कर दिया कि विमानन सुरक्षा में कोई समझौता बर्दाश्त नहीं। एयरलाइन की जिम्मेदारी साफ़ है, लेकिन सरकार और डीजीसीए की निगरानी तंत्र में खामियाँ उजागर हुई हैं। मंत्री नायडू का सख्त कार्रवाई का वादा स्वागतयोग्य है, लेकिन खुद सरकार और डीजीसीए की लापरवाही का क्या? अब जांच के नतीजे बताएंगे कि क्या वाकई मिसाल कायम होगी, या यह सिर्फ एक और सरकारी बयानबाजी साबित होगी। सिविल एविएशन मंत्री अगर दोषी न भी हों, लेकिन फिर भी उनकी ज़िम्मेदारी है। वही संयुक्त महानिदेशक जिसने इंडिगो के विस्तारित शेड्यूल को मंजूरी दी थी, अब उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर रहा है और जांच कर रहा है। वही, चीफ़ फ़्लाइट ऑपरेशन्स इंस्पेक्टर जिन्होंने इंडिगो के पायलटों की निगरानी नहीं की, अब उनके प्रशिक्षण पर नज़र रख रहे हैं। सरकार ने इन लोगों पर सीवीसी या सीबीआई जांच क्यों नहीं करवाई? मंत्रालय में हर स्तर पर मिलीभगत बहुत गहरी हो गई है। मुझे लगता है ये सभी लोग ज़िम्मेदार हैं।

Spread the love

SIP
Business homeslider

सिर्फ 20,000 रुपये की SIP से बन सकता है एक  करोड़ का फंड! जानिए कितने साल लगेंगे

SIP क्या हर महीने केवल 20,000 रुपये की SIP सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान से एक करोड़ रुपये का बड़ा फंड बनाया जा सकता है? जवाब है हां, लेकिन इसके लिए सबसे जरूरी है सही समय पर निवेश शुरू करना और लंबे समय तक इसे लगातार जारी रखना। कंपाउंडिंग की ताकत छोटे निवेश को भी बड़ा धन […]

Spread the love
Read More
Dhirendra Shastri
homeslider Raj Dharm UP Uttar Pradesh

जकार्ता में गरजे धीरेंद्र शास्त्री, राम मंदिर विवाद को बताया ‘आस्था की लूट’…आरोपियों पर साधा निशाना

Dhirendra Shastri अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित गबन के मामले ने देश-विदेश में हलचल मचा दी है। इसी विवाद के बीच इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में हनुमंत कथा कर रहे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को “श्रद्धा की चोरी” बताते […]

Spread the love
Read More
Today's Horoscope
Astrology homeslider

शनिवार को इन राशियों को मिलेगी सफलता, शनि कृपा से दूर होंगी परेशानियां

Today’s Horoscope मेष : आपकी आदतों के कारण आप ने अपनों से दूरियां बना ली। समय रहते अपने सम स्वभाव और व्यवहार को बदलें, तो अच्छा होगा। आर्थिक स्थिति में पहले से सुधार होगा। नए संपर्क स्थापित होंगे। वृषभ : पारिवारिक लोगों से संबंध मधुर होंगे। कार्यस्थल पर किसी से आकर्षित होंगे। भाग्योदय संभव है। […]

Spread the love
Read More