- STF टीम ने आलमबाग के टेडी पुलिया तिराहे के पास से दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
- इनके पास से दो मोबाइल फोन के अलावा ज़हरीले कफ सीरप से संबंधित 31 पेज का दस्तावेज बरामद
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। अवैध शराब, अवैध अफीम, अवैध गांजा, अवैध चरस व अवैध ब्राउन सुगर के बाद अब देश व प्रदेश में नशे में इस्तेमाल होने वाली फेंसेडिल कफ सीरप और कोडिन युक्त की धड़ल्ले से सप्लाई कर तस्कर संबंधित विभाग और पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं। एसटीएफ टीम ने गुरुवार को आलमबाग के टेडी पुलिया तिराहे के पास से दो भाईयों अभिषेक शर्मा व शुभम शर्मा गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह के मुताबिक तस्करों के पास से दो मोबाइल फोन व इस गोरखधंधे से जुड़े फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। इससे पहले एसटीएफ और पुलिस ने आधा दर्जन तस्करों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है। एसटीएफ अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह पकड़े दोनों तस्कर अभिषेक शर्मा व शुभम शर्मा पुत्र ब्रजमोहन शर्मा 3/3336 कपिल बिहार शिव मंदिर सदर बाजार सहारनपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश तक जहरीला कफ सीरप सप्लाई करने की बात स्वीकार किया है।
STF की पूछताछ में पकड़ा गया अभिषेक शर्मा ने बताया कि वर्ष 2009 से विशाल सिंह व विभोर राणा नाम के यहां जीआर ट्रेडिंग दवा की फर्म में नौकरी करते थे और जीआर ट्रेडिंग में लोडिंग अनलोडिंग का काम करने के साथ-साथ इससे जुड़े गोरखधंधे से संबंधित रिकार्ड का रखरखाव रखते थे। बताया गया कि तस्कर विशाल और विभोर जीआर ट्रेडिंग में एबॉट कंपनी की अन्य दवाओं के साथ फेंसेडिल कफ सीरप मंगवाते थे और फर्जी फर्म के जरिए खरीद-फरोख्त दिखाकर नशे में इस्तेमाल करने के लिए अलग-अलग तस्करों को सप्लाई करने की बात स्वीकार किया है।
इससे पहले भी कई हो चुके हैं गिरफ्तार, लेकिन सरगना अभी भी है फरार
विदेश में बैठकर मौज मस्ती कर रहे वाराणसी निवासी सरगना शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद जायसवाल को तीस नवंबर 2025 को सोनभद्र पुलिस ने कोलकाता हवाईअड्डे से गिरफ्तार किया था। 27 नवंबर 2025 को यूपी एसटीएफ ने झारखंड से बांग्लादेश तक अवैध कफ सीरप की सप्लाई करने वाले जौनपुर निवासी अमित कुमार सिंह उर्फ टाटा को गोमतीनगर क्षेत्र से दबोचा था, जबकि इससे पहले 12 नवंबर सहारनपुर निवासी विभोर राणा व विशाल सिंह को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि एसटीएफ और पुलिस द्वारा हो रही सिलसिलेवार गिरफ्तारी के बाद भी इनकी जडें खत्म नहीं हो रही है। जानकार बताते हैं कि इस गोरखधंधे से जुड़े जुड़े कुछ ऐसे घाग हैं, जिनकी गर्दन तक पहुंचने में पुलिस हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। माना जा रहा है कि पिछले दिनों और हाल ही में दबोचे गए सभी आरोपी मुख्य मास्टर माइंड के प्यादे हैं।
