लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की पुण्यतिथि पर उन्हें भावुक श्रद्धांजलि दी। लखनऊ में जनरल बिपिन रावत की याद में बनी आर्ट गैलरी का उद्घाटन करते हुए योगी ने कहा, “जनरल रावत राष्ट्रीय गौरव, कर्तव्य और साहस की मिसाल थे। उनकी मूर्ति और ये गैलरी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।” योगी ने तीखा तंज कसा, “कुछ लोग विदेशी हमलावरों की तारीफ करते हैं – सिकंदर को महान कहते हैं। ये गुलामी की मानसिकता है। क्या कोई सच्चा भारतीय कमजोर भारत चाहता है? हम महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, गुरु गोबिंद सिंह, पृथ्वीराज चौहान और जनरल बिपिन रावत को अपना हीरो बनाएं। विदेशी लुटेरे कभी हमारे आदर्श नहीं हो सकते।”
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ‘पंच प्रण’ का जिक्र करते हुए कहा, “विकसित भारत, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विरासत पर गर्व – यही हमारा संकल्प होना चाहिए। उत्तर प्रदेश और भारत इसलिए आगे बढ़ रहा है क्योंकि हम अपनी ताकत पर भरोसा करने लगे हैं।” 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलीकॉप्टर क्रैश में जनरल रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य की शहादत को याद करते हुए योगी भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “रावत साहब ने सीमा पर दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति बनाई।”
कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वर्चुअली जुड़े। योगी ने गैलरी में जनरल रावत के जीवन की तस्वीरें और उपलब्धियां देखीं। ये गैलरी लखनऊ कैंट में बनी है और आम जनता के लिए जल्द खोली जाएगी। योगी का ये बयान उन बुद्धिजीवियों पर तंज था जो विदेशी आक्रमणकारियों को महमूद गजनवी, औरंगजेब, बाबर को ‘महान’ बताते हैं। सोशल मीडिया पर #GulamMansikta ट्रेंड करने लगा। विपक्ष ने इसे सांप्रदायिक बताया, लेकिन जनता ने खूब सराहा।
