बड़कोट (उत्तरकाशी)। जनपद उत्तरकाशी में विश्व दिव्यांगजन दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर चिह्नित दिव्यांगजनों को मेडल, मानपत्र, प्रशस्तिपत्र एवं 8000 रुपए की सम्मान धनराशि के चेक वितरित किए गए।
विश्व दिव्यांगजन दिवस के अवसर राज्य सरकार के निर्देशों पर आयोजित विश्व दिव्यांगजन दिवस के जनपदस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन DM के निर्देशानुसार नौगांव विकासखंड के दृष्टि दिव्यांग विद्यालय तुनाल्का में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक पुरोला दुर्गेश्वर लाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल व सीडीओ जय भारत द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। विधायक दुर्गेश्वर लाल द्वारा सर्वप्रथम राज्यस्तर पर सम्मानित होने वाले जनपद के दिव्यांजनों दिनेश चंद्र नौटियाल शिक्षक कुमारडा चिन्यालीसौड़, नरेंद्र राणा एसपी तकनीशियन भारतीय रेलवे, ढकाडा पुरोला, जशवीर सिंह कनिष्ठ लिपिक भारतीय रेलवे, मतला नौगांव को सरकार की और से हार्दिक शुभकामनाएं दी गई एवं चिन्हित दिव्यांगजनों को मेडल, मानपत्र, प्रशस्तिपत्र एवं 8000 रुपए की सम्मान धनराशि के चेक प्रदान किए गए। अरुणिमा सिन्हा का उदाहरण देते हुए विधायक पुरोला दुर्गेश्वर लाल ने उनकी कहानी बताते कहा कि कैसे उन्हें चलती ट्रेन से बाहर पटरी पर फेंका गया और कैसे उनका पैर पटरी पर आ गया उसके बाद उन्होंने दोनों पैरों से दिव्यांगता के बावजूद माउंट एवरेस्ट फतह किया, दिव्यांगजनों को प्रेरित होकर कार्य करना चाहिए और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करना चाहिए।
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मुख्य विकास अधिकारी जयभारत सिंह ने उपस्थित सभी दिव्यांगजनों को शुभकामनाएं दी और कहा कि दिव्यांगता अभिशाप नहीं अपितु यदि कुछ अवशेष रहा है तो वही हमारी ताकत है की सोच को लेकर हमें बढ़ना चाहिए। सीडीओ द्वारा विभिन्न उत्कृष्ट खिलाड़ियों और अन्य क्षेत्रों में प्रसिद्ध व्यक्तियों का उदाहरण देकर दिव्यांगजनों को आगे बढ़ने और शिक्षा, स्वास्थ्य,एवं खेल के क्षेत्र में प्रतिभाग करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। कहा कि दिव्यांग जनों को अपने हौसले हमेशा बुलंद रखने चाहिए, ताकि अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सके। विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर माननीय विधायक एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा दिव्यांगजन अरविंद लाल,सुरेंद्र सिंह,जब्बार सिंह ,अतर सिंह, रामप्यारी देवी को कान की मशीन, बच्चन लाल को व्हील चेयर, शूरवीर सिंह को बैसाखी ,बैसाखी लाल को छड़ी और जीवन सहायक उपकरण आवंटित किए गए।
