दिल्ली में त्योहारों के दौरान हुए IED ब्लास्ट केस में पकड़े गए खूंखार आतंकी दानिश के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच ने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। डिलीट की गई फाइलों को रिकवर करने पर जो तथ्य सामने आए हैं, वे बताते हैं कि दानिश अकेला भेड़िया नहीं, बल्कि ड्रोन-आधारित आतंकी हमले की बड़ी साजिश का हिस्सा था। फोन में 200 से ज्यादा ड्रोन की हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें मिली हैं। इनमें कमर्शियल DJI मavic सीरीज के अलावा हमास और हिज्बुल्लाह द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले लो-कॉस्ट FPV (First Person View) सुसाइड ड्रोन के ब्लूप्रिंट और मॉडिफाइड डिजाइन भी शामिल हैं। कुछ फोटो में 3D-प्रिंटेड बॉडी, 25 किमी रेंज वाला लॉन्ग-रेंज ट्रांसमीटर और 4-5 किलो तक पेलोड ले जाने वाले क्वाडकॉप्टर दिख रहे हैं। दानिश ने पूछताछ में कबूल किया कि वह 20-25 किलोमीटर दूर से टारगेट पर RDX से लैस ड्रोन भेजने की प्रैक्टिस कर रहा था।
इसके अलावा फोन से 47 वीडियो बरामद हुए हैं, जिनमें ड्रोन में ग्रेनेड, आर्टिलरी शेल और होममेड विस्फोटक लगाने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका दिखाया गया है। कई वीडियो में रात के समय लो-लाइट कैमरा से टेस्ट और GPS-स्पूफिंग तकनीक का इस्तेमाल भी दिख रहा है। खतरनाक बात यह है कि ये सभी सामग्री उसे एक एनक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए पाकिस्तान और मध्य-पूर्व स्थित हैंडलर भेज रहे थे। ऐप के सर्वर से अब तक 18 विदेशी नंबर ट्रेस किए गए हैं, जिनमें से कुछ का ताल्लुक PoK और अफगानिस्तान से है।
जांच अधिकारियों का मानना है कि दानिश दिल्ली-एनसीआर में किसी बड़े सरकारी या धार्मिक स्थल को निशाना बनाने की फिराक में था। उसने पहले से ही दिल्ली के कई इलाकों के 3D मैप डाउनलोड किए थे और ड्रोन टेस्टिंग के लिए यमुना खादर क्षेत्र का चयन किया था। NIA और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब उसके लोकल सप्लायर्स, फंडिंग चैनल और संभावित अन्य मॉड्यूल्स की तलाश में जुटी है।
