नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार (29 नवंबर) को मॉब लिंचिंग में मारे गए रायबरेली के दलित युवक हरिओम वाल्मीकि के परिवार से दिल्ली के 10 जनपथ स्थित आवास पर मुलाकात की। हरिओम के माता-पिता और छोटी बहन उनसे मिलने पहुंचे। राहुल ने परिवार को पूरा भरोसा दिलाया कि वह इस न्याय की लड़ाई में अंत तक उनके साथ हैं और हरसंभव मदद करेंगे।
मुलाकात के बाद हरिओम की छोटी बहन ने राहुल गांधी का आभार जताया। उन्होंने कहा, “हम जनपथ सिर्फ राहुल जी को धन्यवाद देने आए थे। हमारे सबसे मुश्किल वक्त में उन्होंने कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। शुरू से लेकर अब तक पूरी लड़ाई वही लड़ रहे हैं। हमारी उनसे कोई मांग नहीं थी, बस शुक्रिया अदा करना चाहते थे।” उन्होंने बताया कि कुछ आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और जेल में हैं। कार्रवाई जारी है। राहुल जी ने कहा है कि परेशान न हों, हम आपके साथ हैं और पूरी लड़ाई लड़ेंगे।
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घटना की याद दिलाते हुए परिवार ने बताया कि 2 अक्टूबर को रायबरेली में हरिओम की बेरहमी से पिटाई की गई थी। जान बचाने के लिए उसने राहुल गांधी का नाम लिया, लेकिन आरोपी नहीं रुके और उसकी मौत हो गई। इस क्रूर घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया था। घटना के तुरंत बाद राहुल गांधी रायबरेली पहुंचे थे। हरिओम के घर जाकर परिवार से विस्तार से बात की, घटना की पूरी जानकारी ली और दलितों पर हो रहे अत्याचारों की कड़ी निंदा की। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद यह मामला राजनीतिक रंग ले चुका है और विभिन्न दलों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है।
राहुल गांधी ने परिवार को आश्वासन दिया कि न्याय मिलने तक चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने इसे सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे दलित समाज की लड़ाई बताया। कांग्रेस ने इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाने का वादा किया है।परिवार ने राहुल के समर्थन से मिली ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि अब उन्हें विश्वास है कि न्याय जरूर मिलेगा। यह मुलाकात न केवल पीड़ित परिवार के लिए बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में एक मजबूत संदेश भी है।
