लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी मामले में एक नया मोड़ आ गया है। जौनपुर के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता धनंजय सिंह का नाम इस कांड में उछलने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर CBI जांच की मांग की है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताया और कहा कि उनके खिलाफ भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। यूपी एसटीएफ की लगातार छापेमारी में इस मामले का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। हाल ही में उसके करीबी सहयोगी अमित सिंह उर्फ टाटा को भी हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान टाटा के फोन से धनंजय सिंह के साथ मैसेज का आदान-प्रदान मिला, जिसके बाद उनका नाम चर्चा में आया। विपक्षी दलों ने इसे लेकर सत्तारूढ़ भाजपा पर हमला बोला और धनंजय सिंह को मुख्य साजिशकर्ता बताने की कोशिश की।
https://x.com/MDhananjaySingh/status/1994644117033554091?s=20
इसके जवाब में धनंजय सिंह ने X पर विस्तृत पोस्ट लिखी। उन्होंने कहा, “कफ सिरप कांड में कुछ राजनीतिक विरोधी पत्रकारों को गुमराह कर मेरे खिलाफ झूठी अफवाहें फैला रहे हैं। यह पूरा मामला वाराणसी से जुड़ा है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने के लिए मेरे नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं। मैं निर्दोष हूं और इसकी निष्पक्ष जांच चाहता हूं। उन्होंने आगे लिखा, कि यह अंतरराज्यीय मामला है। इसलिए मैं प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि CBI को जांच सौंपी जाए। विभिन्न एजेंसियां गहन जांच करें ताकि सच सामने आए, दोषी सजा पाएं और मेरे खिलाफ फैलाई जा रही झूठी खबरों पर रोक लगे।” धनंजय सिंह ने स्पष्ट किया कि उनका इस अवैध कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है। उनका नाम केवल इसलिए जोड़ा जा रहा है क्योंकि अमित टाटा उनके परिचितों में से एक है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का हिस्सा बताया और कहा कि वाराणसी होने के कारण यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर संवेदनशील बनाया जा रहा है।
यूपी STF इस मामले में लगातार सक्रिय है। अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। कोडीन सिरप की तस्करी नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से जुड़ी है, जिसे गंभीरता से लिया जा रहा है। धनंजय सिंह की CBI मांग ने मामले को और जटिल बना दिया है। विपक्षी दल इसे भाजपा की नाकामी बता रहे हैं, जबकि सत्तापक्ष इसे कानून-व्यवस्था की सख्ती का उदाहरण मान रहा है। फिलहाल जांच जारी है और धनंजय सिंह के मैसेज ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। क्या सचमुच CBI जांच होगी या यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी है -यह आने वाला वक्त बताएगा।
