- कई आरोपी पुलिसकर्मियों पर गिर चुकी है गाज, फिर भी नहीं सुधार
- हमीरपुर: महिला हत्याकांड में सलाखों के पीछे पहुंचा उपनिरीक्षक
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। जिन पुलिसकर्मियों के कंधों पर बहू बेटियों की सुरक्षा का जिम्मा है, खुद उनकी हरकतें ही पुलिस महकमे को शर्मसार कर रही है। रंगीनियों का चढ़ता बुखार खाकी की मर्यादा को भी तार-तार कर रहा है। महोबा जिले के कबरई क्षेत्र की रहने वाली किरण देवी हत्याकांड में कबरई थाने में तैनात दरोगा अंकित कुमार यादव की भूमिका सामने आने के बाद यूपी पुलिस पहले ही काफी किरकिरी झेल चुकी है। बताते चलें कि बीते 13 नवंबर 2025 हमीरपुर जिले के मौदहा थाना क्षेत्र के रमना गांव के पास सड़क किनारे एक महिला की हत्या कर लाश मिली थी।
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इस मामले में पुलिस गहनता से छानबीन की तो शव की पहचान महोबा जिले के कबरई क्षेत्र की रहने वाली किरण देवी के रूप में हुई। एसपी हमीरपुर दीक्षा शर्मा के मुताबिक किरण देवी की शादी सीआरपीएफ में तैनात जवान विनोद सिंह से हुई थी। बताया जा रहा है कि शादी के बाद विनोद और किरण देवी के बीच सब-कुछ ठीक-ठाक चला कि दोनों के बीच ऐसी दरार पैदा हुई कि किरण देवी ने पति विनोद सिंह के खिलाफ कबरई थाने में दहेज एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज कराया था।
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इस मामले की विवेचना कातिल दरोगा अंकित कुमार यादव कर रहे थे कि इसी दौरान आए दिनों की हो रही मुलाकात के बाद विवेचक अंकित और किरण की आंखें ऐसी लड़ी कि किरण देवी को हमेशा के लिए खत्म होना पड़ गया। पीछा छुड़ाने के लिए कबरई थाने में तैनात उपनिरीक्षक अंकित यादव ने किरण को मौत की नींद सुला दिया।
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विवेचना करते-करते दरोगा भूल गए नियम-कानून और कर दी प्रेमिका की हत्या
खाकी पर रंगीनियों का साया नया नहीं है। जिन गंभीर आरोपों की जांच के दौरान पुलिसकर्मी आरोपितों से ढेरों सवाल करते हैं, उन्हीं धाराओं में अब उनके खिलाफ भी मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। उनकी धूमिल होती प्रतिष्ठा से महकमे की छवि भी लगातार धूमिल हो रही है। मृतका किरण जिस विवेचक अंकित यादव के पास फरियाद की उम्मीदें लेकर जाया करती थी, लेकिन उसे नहीं मालूम था कि वह दरोगा उसे अपने प्रेम के जाल में फंसाकर उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा। यही हुआ खाकी वर्दी को शर्मिन्दा करते हुए दरोगा अंकित कुमार यादव ने किरण देवी को हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया और खुलासा होने के बाद अब पहुंच गया सलाखों के पीछे।
