कानपुर। शहर में फ्रॉड का एक ऐसा मामला आया है जिसमें जालसाजों ने फर्जीवाड़ा करके मृतक के नॉमिनी को ही बदल डाला। इसके बाद मृतक के बीमा खाते में जमा करोड़ों की रकम ही निकाल दी। मिली जानकारी के मुताबिक कानपुर के रहने वाले सन्देश तिवारी का निधन 23 फरवरी साल 2023 को हो गया था। मरने से पहले उन्होंने नामी गिरामी बीमा कंपनियों में करोड़ों का बीमा कराया था और अपनी पत्नी और बच्चों को नॉमिनी बनाया था। उनके मरने के करीब साढ़े चार महीनें बाद 5 जुलाई को अचानक उनके बीमा खाते से सारा पैसा निकाल लिया जाता है। उनके परिजन जब बीमा राशि को निकालने बीमा कंपनी के दफ्तर पहुंचे तो यह सुनकर उनके होश उड़ कि उनके नॉमिनी को सारा पैदा दे दिया है। उन्होंने बीमा अधिकारियों को बताया कि मृतक ने तो परिजनों को ही नॉमिनी बनाय था। ऐसे में ये पैसा किसने और कैसे निकाल लिया।

बीमा कंपनी के दस्तावेजों से उनको पता चला कि देश के नामी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के मुम्बई स्थित केंद्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान के एक वैज्ञानिक स्वदेश प्रकाश ने फर्जीवाड़ा करके नॉमिनी बदल दिया और करोड़ों के फ्रॉड को बड़ी आसानी से अंजाम दिया। मृतक के परिजन अपने साथ हे इस धोखे और अपने पैसे के लिए पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं पर वहां भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कानपुर पुलिस क्षेत्राधिकार का हवाला देकर पीड़ित को नाहक परेशान कर रहीं है और उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में मृतक के परिजन अपने मृतक के पैसों और न्याय के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है ।
