- इस महीनें दूसरी मुलाकात है दोनों की
लखनऊ। मुख्यमंत्री कहते हैं कि उत्तर प्रदेश को माफिया और भयमुक्त बना दिया गया है, मुझसे बड़ी इसकी मिसाल कहां मिलेगी, लोग मेरी कहानी सुनाया करेंगे। “मुख्यमंत्री के काम को हम देखते ही नहीं हैं, अगर देखेंगे तो हमें दर्द होगा।’ समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान ने शुक्रवार को लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनके आवास पर मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इस मुलाकात के दौरान आज़म खान के साथ उनके बेटे अब्दुल्ला भी मौजूद रहे। एक महीने में दोनों नेताओं की दूसरी मुलाकात है।
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इस मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में आजम खान ने कहा कि ‘मैं यहां मेरे और मेरे परिवार के साथ जो हुआ उसके बारे में बात करने के लिए आया था। हमने अपना हाल-ए-दिल सुनाया है। इस परिवार के साथ मेरा 50 साल का रिश्ता है। इसे कमजोर होने में कई साल लगेंगे और इसे टूटने में सदियां लगेंगी, और मेरे पास सदियां नहीं हैं। हमारा संबंध पीढ़ियों से चला आ रहा है और अगर थोड़ी सी भी जंग लगती है तो मैं इसे खुद साफ करता हूं। इससे बड़ी कठिनाइयां क्या हो सकती हैं, जो हम पहले ही सहन कर चुके हैं और सहन करना जारी रखेंगे? इससे अधिक कुछ भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जब दो राजनीतिक लोग मिलते हैं तो राजनीति की बातें ही होती हैं। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव ने मुझे इलाज के लिए लखनऊ में ही रहने की सलाह दी है, इस पर मैं सोचूंगा।
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उन्होंने कहा कि ‘भाजपा एक राजनीतिक पार्टी है, उनकी अपनी एक विचारधारा है। देश के बादशाह हैं, अपनी कुर्सी बचाने के लिए हर प्रयास कर रहे हैं और करना भी चाहिए। जब पहलवान अखाड़े में उतरते हैं तो लड़ाई होती है। हम भी मैदान में हैं, हम भी तैयारी कर रहे हैं इतिहास में पता नहीं कहां जगह मिलेगी। आज़म खान ने कहा, ‘हमारे पास लखनऊ में रहने के लिए पेंशन के पैसे हैं, करोड़ों नहीं तो लाखों हैं। हमारी बीवी रिटायर्ड असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। हमारे ऊपर इल्जाम है कि हमने शराब की दुकान लूटी थी, बोतलों के अलावा 16,900 रुपये गल्ले से लूटे थे। जब इतिहास लिखा जाएगा, तो पता नहीं मुझे कहां जगह मिलेगी। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री के काम को हम देखते ही नहीं हैं, अगर देखेंगे तो हमें दर्द होगा।’ 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा, “रणनीति क्या होगी, यह अभी नहीं बताएंगे, लेकिन इतना जरूर कहेंगे कि लोगों में बदलाव की चाह है। जब बदलाव आएगा, तो हम भी उसमें हिस्सेदार होंगे।
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