- अवैध वसूली और उत्पीड़न से अजिज आए बंदियों ने की डीजी से शिकायत
- धन उगाही करने वाले कैदियों को रोकने के लिए तैयार किया नया फार्मूला
- सिद्धदोष कैदियों के जेल स्थानांतरण का मामला
नया लुक संवाददाता
लखनऊ। झांसी जेल में अवैध वसूली का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अधीक्षक और जेलर सजायाफ्ता बंदियों को जेल स्थानांतरित नहीं किए जाने के लिए एक नया फार्मूला इजाद किया है। जेल प्रशासन के अधिकारियों के लिए अवैध वसूली करने वाले सिद्धदोष बंदियों को महानिदेशक कारागार के निर्देश के बाद भी केंद्रीय कारागार स्थानांतरित नहीं किया जा रहा है। अधीक्षक और जेलर की अवैध वसूली से जेल के बंदी त्रस्त है। इस सच का खुलासा बंदियों की ओर से महानिदेशक कारागार को भेजे गए शिकायती पत्र से हुआ है। उधर कारागार मंत्री समेत विभाग के आला अफसर इस मसले पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए।
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महानिदेशक कारागार को भेजे गए पत्र में बंदियों का आरोप है कि झांसी मंडलीय कारागार के अधीक्षक विनोद कुमार सोनी और जेलर अंजनी कुमार गुप्ता ने आतंक मचा रखा है। अधीक्षक ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी तेजसिंह पुत्र श्रीपत और अजय सोनी पुत्र नवल किशोर को फर्जी हवालाती वारंट बनाकर जेल में रोक रखा है। जिससे उक्त कैदियों को केंद्रीय कारागार में स्थानांतरित न किया जा सके। वर्तमान में कैदी तेजसिंह जेलर अंजनी कुमार गुप्ता का राइटर है और जेल में अवैध वसूली का कार्य करता है। फर्जी हवालाती वारंट के सहारे जेल में रुके कैदी अमित सोनी को अधीक्षक ने हवालात का राइटर बना है और वह अधीक्षक और जेलर के लिए बंदियों से धन उगाही करता है। इसके साथ ही हिस्ट्रीशीटर व आर्थिक रूप से मज़बूत बंदी जो न्यायालय जाते हैं उनके वारंट पर पेशी की तिथि अंकित न होने पर भी उन्हें फर्जी तलबी जिसमें न्यायाधीश के हस्ताक्षर न होने के बाद भी उनको बाहर तारीख पर भेजा जाता है जहां बंदी जेल से बाहर जाकर मौज मस्ती करते है तथा कभी भी किसी बड़ी वारदात को अंजाम भी दे सकते है।
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शिकायत में कहा गया है कि केंद्रीय कारागार जाने वाले बंदियों की सूची अधीक्षक विनोद कुमार सोनी और जेल अंजनी कुमार गुप्ता तथा हवालात का राइटर कैदी अमित सोनी और जेलर का राइटर तेजसिंह मिलकर तैयार करते है। जो बंदी मोटी रकम देता है उसको रोक लिया जाता है नहीं देने वालों को स्थानांतरित कर दिया जाता है। अधीक्षक के तानाशाही रवैए और उत्पीड़न से अजिज आकर कई बंदी जेल के अंदर आत्महत्या तक कर चुके हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त वरिष्ठ अधीक्षक विनोद कुमार सोनी सरकार की छवि को धूमिल कर रहे हैं। इनकी जहां जहां तैनाती रही है वहां वह विवादित रहे है और दंडित भी किए गए हैं। पत्र में महानिदेशक कारागार से झांसी जेल में व्याप्त भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और उत्पीड़न की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो जल्दी ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करने को विवश होगा। इस संबंध में जब कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन ही नहीं उठा।
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झांसी में भी हो सकती हमीरपुर जेल जैसी घटना
झांसी मंडलीय कारागार में भी हमीरपुर जेल जैसी घटना कभी भी हो सकती है। परिक्षेत्र डीआईजी को भेजी गई शिकायत में कहा गया है कि अवैध वसूली और उत्पीड़न को लेकर अधीक्षक और जेलर बंदियों के साथ लगातार अत्याचार कर रहे हैं। बीते दिनों अवैध वसूली को लेकर बंदी दीपक बटलर और पंकज अग्रवाल की आए दिन जमकर पिटाई की जा रही है। इनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। इन बंदियों को तन्हाई बैरेक में डाल दिया जाता है। पीड़ित बंदियों के परिजनों ने कानपुर परिक्षेत्र के डीआईजी को पत्र भेजकर मामले की जांच कराकर दोषियों की खिलाफ कार्यवाही किए जाने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि जेल में नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री कराई जा रही है। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों हमीरपुर जेल में अधिकारियों के इशारे पर एक बंदी की पीट पीट कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जेलर समेत कई कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।
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