
- मेटा अलर्ट से हजारों लोगों को मिला नया जीवन, सोशल मीडिया पर जिंदगी की पुकार
- आठ से 10 मिनट में पहुंची पुलिस, बच गईं कई जिंदगियां, यूपी पुलिस की संवेदनशीलता की मिसाल
- सिर्फ कानून का पहरा नहीं, जिंदगी की भी फिक्र, पुलिस ने तत्परता से टालीं आत्महत्या की घटनाएं
Lucknow: उत्तर प्रदेश में पुलिस की भूमिका अब अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट में फंसे लोगों की जिंदगी बचाने और उन्हें भावनात्मक सहारा देने में भी यूपी पुलिस संवेदनशीलता के साथ आगे आ रही है।
योगी सरकार में तकनीक और त्वरित पुलिस कार्रवाई के समन्वय से मानवीय पुलिसिंग की ऐसी मिसालें सामने आई हैं, जहां सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए आत्महत्या संबंधी संदेश को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने समय रहते लोगों तक पहुंचकर उनकी जान बचाई। एक जनवरी 2023 से 10 अक्टूबर 2026 के बीच ऐसे अलर्ट पर कार्रवाई करते हुए यूपी पुलिस ने चार हजार से अधिक लोगों की जान बचाई है।
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यूपी पुलिस और मेटा कंपनी के बीच वर्ष 2022 से चल रही व्यवस्था इस दिशा में अहम भूमिका निभा रही है।इसके तहत फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट सामने आने पर मेटा कंपनी पुलिस महानिदेशक मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल और फोन के माध्यम से अलर्ट भेजती है। पुलिस मुख्यालय अलर्ट मिलते ही संबंधित व्यक्ति की लोकेशन का पता लगाकर स्थानीय पुलिस को कार्रवाई के लिए सूचित करता है। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर संबंधित व्यक्ति को सुरक्षित करने और उसे मानसिक संबल देने का प्रयास करती है।
अलर्ट मिलते ही सक्रिय हुआ पुलिस तंत्र
इस व्यवस्था की उपयोगिता लखनऊ और गाजियाबाद में सामने आए दो हालिया मामलों से समझी जा सकती है। दोनों मामलों में युवकों ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट की थी। मेटा से अलर्ट मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। स्थानीय पुलिस ने कुछ ही मिनटों में संबंधित युवकों तक पहुंचकर उन्हें आत्मघाती कदम उठाने से बचाया। इन घटनाओं में पुलिस की तत्परता के साथ मानवीय संवेदनशीलता भी दिखाई दी।

लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र में पत्नी और ससुराल पक्ष से विवाद के कारण मानसिक तनाव से जूझ रहे 26 वर्षीय डिलीवरी बॉय ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी वीडियो पोस्ट किया। अलर्ट मिलने पर पुलिस मुख्यालय ने उसकी लोकेशन संबंधित पुलिस को उपलब्ध कराई। सआदतगंज थाने की टीम ने करीब 10 मिनट में युवक तक पहुंचकर उसे नदी में कूदने की आशंका के बीच सुरक्षित किया। बाद में पुलिस ने उसकी काउंसलिंग की और परिजनों को भी सहयोग के लिए साथ लिया।
इसी तरह गाजियाबाद के लिंक रोड थाना क्षेत्र में आर्थिक तंगी से परेशान 24 वर्षीय युवक ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी संदेश पोस्ट किया। मेटा से अलर्ट मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर स्थानीय पुलिस टीम महज आठ मिनट में उसके घर पहुंच गई। पुलिस ने कमरे में फंदा देखा और युवक को समय रहते सुरक्षित कर लिया। पूछताछ में युवक ने बताया कि घर का खर्च पूरा नहीं कर पाने के कारण वह मानसिक तनाव में था। पुलिस ने उसे समझाया और काउंसलिंग के माध्यम से भविष्य में ऐसा कदम न उठाने के लिए प्रेरित किया।
योगी सरकार में मिले दो अवॉर्ड्स
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीक आधारित पुलिसिंग और त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया गया है। मेटा अलर्ट व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिली सूचना को जमीनी कार्रवाई में बदला जाता है। यूपी पुलिस को इस पहल के लिए SKOCH अवॉर्ड-2025 और द इकोनॉमिक टाइम्स GOV अवॉर्ड्स-2026 से सम्मानित किया जा चुका है।
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