स्वतंत्र भारद्वाज केस: प्रदर्शन से FIR और हिरासत तक पहुंचा मामला, जानिए अब तक क्या हुआ
New Delhi : जंतर-मंतर पर 23 जून को हुई कथित मारपीट का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो के बाद विवाद ने नया मोड़ लिया और दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया। इसके साथ ही पुराने मारपीट के मामले में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं, जबकि एक नाबालिग को कथित तौर पर ऑनलाइन धमकी देने के आरोप में POCSO एक्ट के तहत अलग FIR दर्ज की गई है।
23 जून को जंतर-मंतर पर क्या हुआ?
मामले की शुरुआत 23 जून को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई थी। बताया गया कि एक व्यक्ति अपनी नाबालिग बेटी के साथ वहां मौजूद था। प्रदर्शन की रिकॉर्डिंग को लेकर कुछ लोगों से उसका विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद उसके साथ मारपीट की गई।
शिकायत के अनुसार, उसके सिर पर मुक्कों से हमला किया गया और किसी कठोर वस्तु से भी चोट पहुंचाई गई। घटना के बाद पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।
संसद मार्ग थाने में दर्ज हुई FIR
पीड़ित की शिकायत के आधार पर संसद मार्ग थाने में FIR नंबर 62/2026 दर्ज की गई। शुरुआत में BNS की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत कार्रवाई हुई। मेडिकल जांच में सिर पर दो कटे हुए घाव दर्ज किए गए थे।
हालांकि, पीड़ित परिवार और प्रदर्शन से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि मामले में शुरुआत में अपेक्षित गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस का कहना था कि जांच के दौरान कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कदम उठाए जा रहे थे।
वायरल वीडियो ने फिर गरमाया मामला
सितंबर की शुरुआत में स्वतंत्र भारद्वाज के एक पॉडकास्ट की क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। वीडियो में कथित तौर पर वह मारपीट की घटना का जिक्र करते हुए सिर पर कड़े से हमला करने की बात करता नजर आया। उसने राजनीतिक संपर्कों का हवाला देते हुए जेल से बाहर रहने का दावा भी किया।
वीडियो में कुछ राजनीतिक नेताओं के नाम लिए जाने के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। विपक्ष और CJP से जुड़े लोगों ने आरोपी को कथित संरक्षण मिलने के आरोप लगाए, हालांकि दिल्ली पुलिस ने ऐसे आरोपों को खारिज किया।
थाने के बाहर प्रदर्शन और फिर हिरासत
4 सितंबर को CJP से जुड़े लोगों ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
इसी बीच पुलिस ने पुराने मामले में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ने की कार्रवाई की। इसके बाद उसी दिन दिल्ली पुलिस की टीम बुलंदशहर पहुंची और स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में ले लिया।
नाबालिग को धमकी के मामले में नई FIR
मामले में एक और बड़ा घटनाक्रम तब हुआ, जब पीड़ित की नाबालिग बेटी की ओर से कथित ऑनलाइन धमकी को लेकर शिकायत दी गई। पुलिस ने इस शिकायत पर अलग FIR दर्ज की है। इसमें आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराओं के साथ POCSO एक्ट के प्रावधान भी लगाए गए हैं और स्वतंत्र भारद्वाज का नाम शामिल है।
अब जांच पर टिकी नजर
फिलहाल इस मामले में दो अलग-अलग कानूनी पहलू सामने हैं—एक 23 जून की कथित मारपीट का मामला, जिसमें SC/ST एक्ट जोड़ा गया है, और दूसरा नाबालिग को कथित ऑनलाइन धमकी देने से संबंधित FIR।
अब पुलिस वायरल वीडियो में किए गए दावों, मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। आगे की कार्रवाई इन्हीं तथ्यों और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
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