
कई वर्षों के बाद आया है ऐसा दुर्लभ संयोग, पितृ दोष, शनि शांति के लिए शानदार दिन
आचार्य धर्मेश उपाध्याय
Somvati Amavasya इस वर्ष 15 को 2026 (सोमवार) को पड़ने वाली सोमवती अमावस्या को विशेष धार्मिक महत्व का दिन माना जा रहा है। धर्माचार्यों के अनुसार इस बार सोमवती अमावस्या अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में पड़ रही है, जिससे इसका महत्व कई गुना बढ़ गया है। शास्त्रों में अधिक मास को भगवान विष्णु का प्रिय मास बताया गया है। वहीं सोमवार भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और अमावस्या तिथि पितृ कार्यों एवं शांति अनुष्ठानों के लिए विशेष मानी जाती है। ऐसे में अमावस्या, सोमवार और अधिक मास का यह दुर्लभ संयोग साधना, जप, दान तथा धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
धार्मिक ग्रंथों जैसे पद्म पुराण, स्कंद पुराण और नारद पुराण में अधिक मास के दौरान किए गए जप, तप, व्रत, दान और पूजा-पाठ को विशेष फलदायी बताया गया है। विद्वानों के अनुसार इस दिन पितृ तर्पण, शनि शांति और शिव पूजन का भी विशेष महत्व है। धर्माचार्यों का कहना है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए धार्मिक कार्यों से मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति तथा जीवन की विभिन्न बाधाओं से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। साथ ही पितृ दोष, शनि पीड़ा और आर्थिक कठिनाइयों से राहत की कामना के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और दान-पुण्य करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अधिक मास में आने वाली सोमवती अमावस्या का यह दुर्लभ संयोग कई वर्षों बाद प्राप्त हो रहा है, इसलिए श्रद्धालुओं में इसे लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
इन अनुष्ठानों की दी जा रही सलाह
- अमावस्या शांति पूजा
- शनि दोष निवारण पूजा
- शनि मंत्र जाप
- पितृ शांति एवं तर्पण
- रुद्राभिषेक और शिव पूजन
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One thought on “अधिमास की सोमवती अमावस्या 15 जून को, दुर्लभ संयोग को लेकर गजब का उत्साह”
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