तमिलनाडु में इन दिनों राजनीतिक माहौल काफी गर्म दिखाई दे रहा है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम लगातार चर्चा में बनी हुई है। इसी बीच राज्यपाल द्वारा बहुमत साबित करने को लेकर की गई टिप्पणी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में अभिनेता प्रकाश राज ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है और राज्यपाल के रवैये को लेकर नाराजगी जताई है। दक्षिण भारतीय फिल्मों के बड़े सितारे विजय ने राजनीति में कदम रखने के बाद तेजी से अपनी पहचान बनाई है। उनकी पार्टी को जनता का अच्छा समर्थन मिलने की खबरों के बीच राज्यपाल ने उनसे 118 विधायकों का समर्थन साबित करने के लिए कहा। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। विपक्षी दलों और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
ये भी पढ़े
राम चरण की ‘पेड्डी’ पर आया बड़ा अपडेट, कहानी करेगी दर्शकों को इमोशनल
प्रकाश राज पहले कई मौकों पर फिल्मी सितारों की राजनीति में एंट्री को लेकर आलोचनात्मक बयान देते रहे हैं। उनका मानना रहा है कि लोकप्रियता और सुशासन दो अलग-अलग बातें हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि राजनीति में सफल होने के लिए अनुभव और सामाजिक समझ बेहद जरूरी होती है। लेकिन मौजूदा मामले में उन्होंने विजय का समर्थन करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को महत्व देने की बात कही। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रकाश राज ने साफ कहा कि राज्यपाल का व्यवहार लोकतंत्र की भावना के खिलाफ नजर आता है। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्वाचित नेता को अपना बहुमत साबित करने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्तिगत मतभेदों के बावजूद जनता के फैसले का सम्मान करना हर संवैधानिक संस्था की जिम्मेदारी है।
ये भी पढ़े
राम चरण की ‘पेड्डी’ पर आया बड़ा अपडेट, कहानी करेगी दर्शकों को इमोशनल
तमिलनाडु की राजनीति में इस समय कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। डीएमके और एआईएडीएमके के बीच संभावित गठबंधन को लेकर चर्चा लगातार जारी है। वहीं विजय की पार्टी भी राजनीतिक समीकरण बदलने की स्थिति में दिखाई दे रही है। ऐसे में राज्यपाल की भूमिका को लेकर बहस और तेज हो गई है। वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब कोई अन्य दल सरकार बनाने का दावा पेश नहीं कर रहा है तो विजय को इंतजार क्यों करवाया जा रहा है। इस बयान को प्रकाश राज ने भी समर्थन दिया और रीपोस्ट किया। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से ट्रेंड करने लगा।
ये भी पढ़े
113 विधायकों के सहारे थलपति, विजय बोले- ‘हर टेस्ट के लिए तैयार’
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह मामला केवल सरकार गठन तक सीमित नहीं है बल्कि यह संवैधानिक प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है। जनता के बीच भी इस विषय को लेकर काफी चर्चा हो रही है। विजय के समर्थकों का कहना है कि उन्हें मौका मिलना चाहिए ताकि वे सदन में अपना बहुमत साबित कर सकें। फिलहाल चेन्नई के राजभवन में चल रही राजनीतिक गतिविधियों पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। विजय और राज्यपाल की संभावित मुलाकात को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि तमिलनाडु की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है। लेकिन इतना जरूर है कि इस पूरे विवाद ने राजनीति और सिनेमा दोनों जगत को एक बार फिर आमने-सामने ला दिया है।
Operation Sindoor : पूर्व DGMO ने किया बड़ा खुलासा, कहा – कार्रवाई रोकने के लिए गिड़गिड़ाया था पाक
IND vs AUS: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है बड़ा मौका
113 विधायकों के सहारे थलपति, विजय बोले- ‘हर टेस्ट के लिए तैयार’
लगातार शूटिंग के बीच बिगड़ी अक्षय कुमार की तबीयत, करानी पड़ी आंखों की सर्जरी

One thought on “राज्यपाल बनाम विजय विवाद में कूदे प्रकाश राज, बोले- जनादेश का सम्मान जरूरी”
Comments are closed.