जयशंकर ने सुरक्षित, अबाधित समुद्री आवागमन के लिए जताई भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता

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जयशंकर

शाश्वत तिवारी

नई दिल्ली। जापान द्वारा आयोजित एशिया जीरो एमिशन कम्युनिटी प्लस (एजेडईसी प्लस) बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भाग लिया। यह एक ऑनलाइन शिखर सम्मेलन था, जिसका मुख्य उद्देश्य ऊर्जा बाजारों में आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं पर चर्चा करना और सदस्य देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना था। बैठक के दौरान डॉ. जयशंकर ने ऊर्जा बाजारों में सप्लाई चेन के व्यवधानों पर चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक विकास के लिए ऊर्जा बाजारों का निर्बाध रहना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने समुद्री शिपिंग के सुरक्षित और अबाधित पारगमन के लिए भारत की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

विदेश मंत्री ने बैठक के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा जापान द्वारा बुलाई गई ‘एजेडईसी प्लस’ बैठक में भाग लिया, जिसका उद्देश्य ऊर्जा बाज़ारों में आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं पर चर्चा करना था। समुद्री जहाज़रानी के सुरक्षित और अबाधित आवागमन के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। व्यापारिक जहाजों पर होने वाले हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। वैश्विक विकास की यह मांग है कि ऊर्जा बाज़ारों का प्रवाह बाधित न हो। ऊर्जा के एक प्रमुख उपभोक्ता के तौर पर, भारत समान विचारधारा वाले साझेदारों के साथ मिलकर आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य करेगा।

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इस बैठक में भारत के अलावा फिलीपींस, मलेशिया, सिंगापुर, वियतनाम, थाईलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे कई देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह पहल मुख्य रूप से एशिया में कार्बन तटस्थता और नेट-जीरो उत्सर्जन की दिशा में सहयोग के लिए जापान द्वारा शुरू की गई है। वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बंद होने और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच इस बैठक की प्रासंगिकता अत्यधिक बढ़ गई है।

बैठक में डॉ. जयशंकर ने व्यापारिक जहाजों पर हमलों की निंदा के साथ ही ‘स्वतंत्र नौवहन’ के महत्व पर जोर दिया है।

यह होर्मुज संकट के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वहां अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण तेल और गैस से लदे जहाजों को एक ही जगह पर डेरा डालने या अपने मार्ग बदलने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

यही वजह है कि भारत और अन्य भागीदार देश अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को फिर से खोलने के लिए सामूहिक राजनयिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

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