नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर के बीच केंद्र सरकार ने देश में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। सरकार का कहना है कि भारत में खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसानों को किसी भी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। विशेष रूप से आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक अंतर-मंत्रालयी मीडिया ब्रीफिंग के दौरान बताया कि देश में इस समय उर्वरकों का भंडार पर्याप्त से अधिक है। उन्होंने कहा कि यूरिया सहित अन्य पोषक तत्वों की उपलब्धता सामान्य जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि भारत के अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों ने उर्वरकों की निरंतर आपूर्ति का आश्वासन दिया है।
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सरकार के अनुसार, डाइअमोनियम फॉस्फेट (DAP) का भंडार पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर स्थिति में है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2025 की तुलना में इस वर्ष देश में DAP का स्टॉक लगभग दोगुना है। इसके अलावा नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटेशियम आधारित उर्वरकों की उपलब्धता भी पिछले वर्ष की तुलना में अधिक बताई जा रही है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि कुछ रिपोर्टों में उर्वरकों की कमी को लेकर जो आशंकाएं जताई जा रही हैं, वे पूरी तरह तथ्यात्मक नहीं हैं। उन्होंने विश्लेषकों और विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे अधूरी जानकारी के आधार पर निष्कर्ष निकालने से बचें और वास्तविक आंकड़ों को ध्यान में रखें।
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सरकार ने यह भी बताया कि वर्तमान में देश में उर्वरकों का घरेलू उत्पादन सामान्य खपत से अधिक है। इसका एक कारण यह भी है कि रबी सीजन अब समाप्ति की ओर है, जिससे उर्वरकों की मांग में अस्थायी कमी आई है। इस अवसर का उपयोग करते हुए उर्वरक उत्पादन इकाइयों में रखरखाव कार्य समय से पहले पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा सरकार ने वैश्विक स्तर पर उर्वरकों की खरीद के लिए समय रहते निविदाएं जारी की थीं। इन निविदाओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और मार्च के अंत तक बड़ी मात्रा में उर्वरक भारत पहुंचने की उम्मीद है। इससे आने वाले महीनों में भी किसानों को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। इसी बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर भी जानकारी दी है। मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी शुरू कर दी गई है। फिलहाल लगभग 84 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन हो रही है और इसे आगे बढ़ाकर लगभग 100 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का कहना है कि उर्वरकों और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसानों तथा उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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