समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सच्चे संतों का मार्गदर्शन समाज के लिए बेहद जरूरी है और ऐसे संतों का आशीर्वाद मिलने से “नकली संतों” का प्रभाव खत्म होगा।
शंकराचार्य से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि वे राजनीतिक उद्देश्यों से नहीं बल्कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत संतों के आशीर्वाद से करना भारतीय परंपरा का हिस्सा रहा है।
झींगा है कि ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इन दिनों गोरक्षा अभियान के तहत लखनऊ पहुंचे हुए हैं। इसी दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख ने उनसे मुलाकात की।
मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया पर हर व्यक्ति को अपने विचार रखने की आज़ादी है, लेकिन संतों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन अलग महत्व रखता है।
इस दौरान उन्होंने आने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भी टिप्पणी की। यादव ने दावा किया कि सत्तारूढ़ दल के अंदर टिकटों को लेकर असंतोष है और कई जगहों पर बैठकों में संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चा हो रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार के समय में गौ संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए थे। उन्होंने कन्नौज में स्थापित दूध प्रसंस्करण प्लांट का जिक्र करते हुए कहा कि गायों की सेवा भारतीय संस्कृति का हिस्सा है।
अखिलेश यादव ने रसोई गैस की कथित कमी का मुद्दा भी उठाया और केंद्र सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि कई शहरों में लोगों को गैस सिलेंडर लेने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
