मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक दिल दहला देने वाला लेकिन साहस से भरा मामला सामने आया है। यहां एक मां ने अपने चार साल के बेटे की जान बचाने के लिए खूंखार तेंदुए से भिड़ने का साहस दिखाया। मां की बहादुरी के आगे आखिरकार तेंदुए को बच्चे को छोड़कर भागना पड़ा।
क्या है पूरा मामला?
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र के गांव तरफ दलपतपुर में सोमवार रात करीब आठ बजे एक तेंदुआ गांव में घुस आया। गांव के किनारे बने मकान में रहने वाले किसान रवि सैनी का चार साल का बेटा मोक्ष घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान तेंदुआ अचानक आया और मोक्ष को जबड़े में दबाकर जंगल की ओर ले जाने लगा। बच्चों के शोर मचाने पर मोक्ष की मां पिंकी बाहर आईं। उन्होंने देखा कि उनका बेटा तेंदुए के जबड़े में है और वह उसे लेकर जंगल की ओर जा रहा है। यह दृश्य देखकर पिंकी ने बिना अपनी जान की परवाह किए तेंदुए के पीछे दौड़ लगा दी। रास्ते में पड़ा गन्ना उठाकर पिंकी ने तेंदुए के मुंह और जबड़े पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। मां के लगातार हमलों से घबराकर तेंदुआ मोक्ष को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया।
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गंभीर रूप से घायल है बच्चा
शोर सुनकर गांव के लोग भी लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक तेंदुआ अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल में गायब हो चुका था। ग्रामीणों की मदद से मां पिंकी घायल बेटे मोक्ष को तुरंत पास के अस्पताल लेकर पहुंचीं। बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण उसे बड़े अस्पताल रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि तेंदुए ने मोक्ष की गर्दन पर दांत गड़ा दिए थे और उसका एक कान भी बुरी तरह जख्मी हो गया है। फिलहाल एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
वन विभाग और पुलिस पहुंची मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम भी गांव पहुंची, लेकिन रात का अंधेरा होने के कारण तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। गौरतलब है कि ग्रामीण इलाकों में अक्सर तेंदुओं की आवाजाही की खबरें सामने आती रहती हैं। ऐसे में वन विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में ज्यादा सतर्कता बरतने और लोगों को भी पहले से अलर्ट रहने की जरूरत है।
