बिहार के मसौढ़ी से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मैट्रिक परीक्षा में कुछ मिनट की देरी से पहुंचने पर प्रवेश न मिलने से आहत एक छात्रा ने कथित तौर पर चलती ट्रेन से कूदकर अपनी जान दे दी। यह दर्दनाक मामला मसौढ़ी थाना क्षेत्र के महाराजचक गांव के पास का है। मृतका की पहचान कोमल कुमारी के रूप में हुई है, जो खरजमा गांव निवासी मंटू यादव की पुत्री थी। वह दसवीं की बोर्ड परीक्षा देने वाली छात्रा थी। जानकारी के अनुसार, उसकी परीक्षा बरनी स्थित केंद्र पर सुबह 9:30 बजे शुरू होनी थी, जबकि रिपोर्टिंग का समय 9 बजे तक निर्धारित था। परीक्षा केंद्र से करीब छह किलोमीटर दूर रहने के कारण वह एक दिन पहले रिश्तेदार के यहां महाराजचक पहुंच गई थी। बताया जा रहा है कि कोमल सुबह 9:10 बजे परीक्षा केंद्र पहुंची।
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गेट बंद देखकर वह लगातार विनती करती रही—“सर, प्लीज गेट खोल दीजिए, अभी परीक्षा शुरू होने में समय है, मेरा करियर दांव पर है।” लेकिन नियमों का हवाला देते हुए उसे अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। निराश होकर वह वापस लौट गई। कुछ समय बाद वह नदौल स्टेशन पहुंची और एक ट्रेन में सवार हो गई। तरेगना और मसौढ़ी कोर्ट स्टेशन के बीच उसने कथित तौर पर चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती दौर में पहचान नहीं हो सकी,
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लेकिन पुलिस द्वारा फोटो जारी किए जाने के बाद ग्रामीणों ने उसे पहचाना और परिजनों को सूचना दी। कोमल तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। उसके पिता मजदूरी के लिए बाहर रहते हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। इस हादसे के बाद परीक्षा केंद्रों की सख्त व्यवस्था और छात्रों पर मानसिक दबाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यदि आप या आपका कोई परिचित भावनात्मक तनाव से गुजर रहा है, तो तुरंत परिवार, दोस्तों या नजदीकी हेल्पलाइन से संपर्क करें। कठिन समय में मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि हिम्मत की निशानी है।
