लखनऊ में आयोजित एक निजी चैनल के कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक संकेत दिया। उन्होंने भरोसा जताया कि 2022 से अधिक सीटें जीतकर भाजपा के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार दोबारा सत्ता में आएगी। उनके अनुसार, प्रदेश में “ट्रिपल-टी”—टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन—का मॉडल जमीन पर दिख रहा है और जनता इसका समर्थन कर रही है।
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को इटावा में निर्माणाधीन केदारेश्वर मंदिर के संदर्भ में नीयत साफ रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर निर्माण शुद्ध भावना से होता तो वे अवश्य जाते। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि अखिलेश यादव को श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर भी आगे आना चाहिए।
राममंदिर और रामराज्य की अवधारणा पर बोलते हुए योगी ने कहा कि सरकार ने केवल मंदिर निर्माण नहीं किया, बल्कि कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, किसान हित और रोजगार के क्षेत्र में बदलाव लाकर “रामराज्य” की सोच को व्यवहार में उतारा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश का युवा अब पहचान का मोहताज नहीं और यूपी आर्थिक प्रगति के नए आयाम छू रहा है।
NASA की चेतावनी: ‘शहर-नाशक’ एस्टेरॉयड्स, 15,000 अनदेखे खतरनाक पिंड संभव
सपा के “पीडीए” नारे पर कटाक्ष करते हुए योगी ने इसे “परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी” बताया और कहा कि यह एक परिवार तक सीमित राजनीति है। वहीं उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश उन्हें गंभीरता से नहीं लेता।
राष्ट्रवाद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और तिरंगे का सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने बुलडोजर को कानून-व्यवस्था की सख्ती का प्रतीक बताया और ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना में हो रहे निवेश को उत्तर प्रदेश की सामरिक और औद्योगिक ताकत का उदाहरण कहा।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए योगी ने कहा कि भारत तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था है और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था यूपी का मुकाबला भी नहीं कर सकती।
