अगर आपको भी खाना खाने के बाद कुछ मीठा खाने की आदत है, तो पहाड़ी पारंपरिक मिठाई ‘शैय्या’ आपकी क्रेविंग को तुरंत शांत कर सकती है। यह डिश स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ पोषक तत्वों से भरपूर भी होती है। खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए ज्यादा सामग्री या जटिल प्रक्रिया की जरूरत नहीं पड़ती।
आवश्यक सामग्री
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1 कप चावल का आटा
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आधा कप शुद्ध देसी घी
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आधा कप गुड़ (कद्दूकस किया हुआ)
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2 बड़े चम्मच भुने हुए तिल
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जरूरत अनुसार पानी
बनाने की विधि
सबसे पहले एक परात में चावल का आटा लें और उसमें थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए मुलायम आटा गूंथ लें। ध्यान रखें कि आटा न ज्यादा सख्त हो और न ही बहुत गीला।
अब एक कड़ाही में देसी घी डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें। जब घी अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब उसमें थोड़ा-थोड़ा करके गूंथा हुआ चावल का आटा डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें।
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कुछ देर बाद आटे से खुशबू आने लगेगी और उसका रंग हल्का सुनहरा हो जाएगा। जब आटा घी छोड़ने लगे, तो समझ लें कि वह सही तरीके से भुन चुका है।
इसके बाद इसमें गुड़ डालें और धीमी आंच पर पकाएं, ताकि गुड़ पूरी तरह पिघलकर आटे में मिल जाए। अंत में भुने हुए तिल मिलाकर मिश्रण को अच्छी तरह चलाएं।
गर्मागर्म पहाड़ी शैय्या तैयार है। इसे सर्व करते समय चाहें तो ऊपर से थोड़ा घी और डाल सकते हैं।
सेहत के फायदे
गुड़ आयरन से भरपूर होता है, तिल कैल्शियम और हेल्दी फैट्स प्रदान करते हैं, और चावल का आटा आसानी से पचने वाला होता है। यही वजह है कि यह मिठाई स्वाद के साथ-साथ शरीर को ऊर्जा भी देती है।
बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर उम्र के लोगों को यह पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन बेहद पसंद आता है।
