नया लुक ब्यूरो
देहरादून। दून की महापंचायत में अंकिता भंडारी मर्डर केस के ‘वीआईपी’ और मौजूदा सीबीआई जांच के मुद्दे पर खुलकर नाराजगी झलकी। आठ फरवरी की महापंचायत में अंकिता के माता-पिता की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि वनन्तरा रिसॉर्ट में बुलडोजर चलवाने वाली भाजपा विधायक रेणु बिष्ट की काल डिटेल निकाली जाय। उन्होंने कहा कि पुलकित आर्य समेत सभी अभियुक्तों और सम्बंधित लोगों की काल डिटेल सामने आनी चाहिए। उन्होंने पद्मश्री अनिल प्रकाश जोशी की प्राथमिकी पर भी गहरा असंतोष व्यक्त किया। इस दौरान अंकिता की मां सोनी देवी मंच पर भावुक नजर आयी। करीब 5 घण्टे तक चली महापंचायत में जनगीत के बीच वक्ताओं ने मौजूदा सीबीआई जांच को महज छलावा करार दिया।
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कमोबेश सभी वक्ताओं के निशाने पर वीआईपी रहे। वक्ताओं ने एकस्वर में कहा कि अंकिता ने झुकना कबूल नहीं किया। और एक्स्ट्रा सर्विस का जमकर विरोध करते हुए जान गंवा दी। इस दौरान राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन भी।पढ़कर सुनाया गया। अंकिता के माता-पिता परेड ग्राउंड के निकट आयोजित महापंचायत में अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के आहवान पर पूर्व सीएम हरीश रावत की मौजूदगी भी उल्लेखनीय रही। सभी ने कहा कि वीआईपी को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे डाला जाए। पूर्व मुख्यमंत्री व इंडिया गठबंधन के सहयोगी हरीश रावत ने कहा कि सीबीआई जांच पर किसी को भरोसा नहीं है।
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उन्होंने कहा कि यह जांच केवल वीआईपी को बचाने के लिए की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिल सकता है। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा प्रायोजित एफआईआर के आधार पर सीबीआई जांच चल रही है, लेकिन अंकिता के माता पिता की शिकायत पर क्यों एफआईआर दर्ज नहीं की गई यह चिंता का विषय है।
