चौखुटिया। ‘नशा नहीं रोजगार दो’ आंदोलन की 42 वीं वर्षगांठ के अवसर पर बालप्रहरी तथा भारत ज्ञान विज्ञान समिति द्वारा नव प्रभात पब्लिक स्कूल बसभीड़ा में आयोजित नरोत्तम तिवारी स्मृति बाल लेखन कार्यशाला के दूसरे दिन की शुरुआत ‘ज्ञान का दीया जलाने’ समूह गीत से हुई। आज अध्यक्ष मंडल में दृष्टि किरौला, मनीष आर्या, मयंक भंडारी, लोकेश मेहरा को शामिल किया गया। लविन पांडे और कृष्णा गुसाई ने विगत दिवस की रिपोर्ट प्रस्तुत की। आज बच्चों को निबंध लेखन की बारीकियां बताई गई। शिक्षिका दीपा तिवारी ने निबंध लेखन के बारे में बताया कि निबंध साहित्य लेखन की एक प्रमुख विधा है। उन्होंने निबंध का संधि विच्छेद करते हुए कहा कि नि का आशय नहीं तथा बंध का आशय बंधन से है।
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निबंध साहित्य की वह विधा है जिसके लेखन में कोई बंधन नहीं है। उन्होंने ‘पेन’ पर निबंध का उदाहरण देते हुए कहा कि पेन पर दो चार लाईन का निबंध भी लिखा जा सकता है और पेन पर बहुत मोटी पुस्तक भी तैयार की जा सकती है। उन्होंने पेन की पृष्ठभूमि यानी जब पेन नहीं था, पेन के प्रकार, पेन के भाग, पेन के लाभ, पेन के नुकसान और उपसंहार की जानकारी दी। बाद में बच्चों ने ‘क्यों जरूरी है लड़कियों का पढ़ना, गाँव के महिलाओं की दिनचर्या, बच्चों में नशे की आदत, रामलीला का मेरा प्रिय पात्र, भविष्य का मेरा सपना आदि विषयों पर निबंध लिखे। दीपा तिवारी ने बच्चों को नुक्कड नाटक’ कुदरत का विज्ञान’ भी तैयार कराया।
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इससे पूर्व बच्चों ने बसभीड़ा, मेरा गांव, तितली, सूरज, पेड़, जाड़ा, मेरी दादी, मेरी नानी, भोजन की बर्बादी आदि विषयों पर स्वरचित कविताएं तैयार की। बाल कवि सम्मेलन के लिए संचालक का चुनाव खुले मतदान के आधार पर बच्चों द्वारा किया गया। इस बहाने बच्चों ने लोकतांत्रिक प्रणाली को भी समझा। आज बच्चों ने अपने-अपने समूह में कार्य किया। नुक्कड नाटक व समूह गीत के लिए दो-दो समूह बनाए गए। बाल कवि सम्मेलन का अलग समूह तैयार किया गया। बाल कवि सम्मेलन के लिए अधिक बच्चों की भागीदारी को देखते हुए इच्छुक बच्चों से नृत्य कराया गया। आज संपन्न खेल प्रतियोगिता, कविता लेखन प्रतियोगिता, अंग्रेजी लेखन प्रतियोगिता, पहाड़ा व गिनती लेखन प्रतियोगिता में कृष्णा थापा, नंदिका रावत, निशिश कुमैया, पीयूष त्रिपाठी, लविन पांडे को अहमदाबाद के वरिष्ठ साहित्यकार श्यामपलट पांडेय के सौजन्य से बालसाहित्य उपहार में दिया गया।
