नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता हुआ नज़र आ रहा है। इसी बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी को और मज़बूत करते हुए एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन को तीन युद्धपोतों के साथ मिडिल ईस्ट भेज दिया है। इस कदम को क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन और रणनीतिक दबाव बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है।
अमेरिकी नौसेना की यह तैनाती ऐसे समय पर हुई है, जब ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों पर कथित कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका की इस सैन्य सक्रियता के बाद यह आशंका एक बार फिर गहराने लगी है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हवाई हमले का आदेश दे सकते हैं।
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विशेषज्ञों का मानना है कि एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की मौजूदगी न केवल ईरान के लिए कड़ा संदेश है, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में सुरक्षा हालात को और संवेदनशील बना सकती है। हालांकि, फिलहाल अमेरिका की ओर से किसी संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। दूसरी ओर, ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई का वह कड़ा जवाब देगा। ऐसे में अमेरिका–ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक राजनीति और तेल बाजार पर भी असर डाल सकता है।
