देहरादून। साल 2024 की तुलना में बीते 2025 में बदरी-केदार धाम में लाखों तीर्थयात्री बढ़े लेकिन मंदिर समिति की आय करोड़ों में घट गई। आय के गिरे चिंताजनक ग्राफ ने कई सवालों को जन्म दे दिया। सशुल्क पूजा रसीदों में हेरफेर की आशंका भी जताई जा रही है। यह भी चर्चा आम है कि आखिर आय में करोड़ों की यह गिरावट किस किस की जेब गर्म कर गयी। सूचना के जनाधिकार के तहत मंदिर की आय में इस गिरावट का रहस्यमय तथ्य सामने आया है। पूजा शुल्क से जुड़ी डुप्लीकेट रसीदें भी एक प्रमुख कारणों में गिनाया जा रहा है। विस्तृत जांच के बाद ही इस खुलासे से पर्दा उठ सकेगा। गौरतलब है कि मौजूदा समय में बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्वेदी हैं। उनके साथ उपाध्यक्ष व भरा पूरा बोर्ड भी काम कर रहा है। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा वर्ष 2025 की चारधाम यात्रा को रिकॉर्ड तोड़ बताए जाने के दावों के बीच सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त आंकड़े एक अलग ही कहानी बयां कर रहे है।
आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, 2025 में श्रद्धालुओं की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में करीब साढ़े तीन लाख की वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन समिति की कुल आय में लगभग साढ़े तेरह करोड़ रुपये की कमी आई। यह गिरावट समिति के वित्तीय प्रबंधन और चढ़ावे की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। गौरतलब है कि उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड भंग होने के पश्चात वर्ष 2022 में प्रदेश सरकार ने फिर से बीकेटीसी को मंदिरों के प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी और वरिष्ठ भाजपा नेता अजेंद्र अजय को इसकी कमान सौंपी। सूचना के अधिकार से प्राप्त आंकड़ों से पता चलता है कि 2022 से 2024 तक अजेंद्र के नेतृत्व में बीकेटीसी की आय में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन नए बोर्ड के गठन के बाद 2025 में इसमें अचानक गिरावट आई।
बीकेटीसी के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में करीब साढ़े चौंतीस लाख श्रद्धालुओं ने बदरी और केदार धाम के दर्शन किए। इस वर्ष बदरी-केदार और उसके अधीनस्थ अन्य मंदिरों से बीकेटीसी को लगभग 73 करोड़ की आय हुई। जबकि इस साल देश के प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी द्वारा अन्य वर्षों की तुलना में अकेले दस करोड़ की धनराशि बीकेटीसी को दी गयी । इससे पूर्व के वर्षों में अंबानी पांच करोड़ की राशि भेंट करते थे। वर्ष 2025 के आंकड़ों की 2024 से तुलना करें तो, इसमें बड़ा अंतर दिखाई पड़ता है। 2024 में करीब 30 लाख 80 हजार के करीब यात्रियों ने धामों के दर्शन किए, जो कि 2025 की तुलना में साढ़े तीन लाख कम थे। मगर इस वर्ष बीकेटीसी की आय साढ़े 86 करोड़ से अधिक हुई। जो 2025 की आय के मुकाबले साढ़े तेरह करोड़ से अधिक थी। सूचना अधिकार के तहत देहरादून निवासी करण कुमार को बीकेटीसी ने जो जानकारी दी है, उसके हिसाब से बदरी- केदार में वर्ष 2023 में सबसे अधिक 37 लाख 97 हजार के करीब श्रद्धालु पहुंचे थे। उस वर्ष बीकेटीसी की आय ने भारी उछाल मारते हुए करीब 93 करोड़ 86 लाख का ऐतिहासिक आंकड़ा छुआ था।
इससे पूर्व कोरोना के आतंक के बीच वर्ष 2022 में बदरी-केदार में करीब 33 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। उस वर्ष बीकेटीसी को करीब साढ़े 67 करोड़ की आय हुई थी। इस साल बीकेटीसी द्वारा केदारनाथ के अन्य अधीनस्थ मंदिरों के संबंध में दी गयी जानकारी में भी वर्ष 2022-24 में जहां आय में लगातार वृद्धि हुई, वहीं 2025 में इसमें गिरावट दिखाई दी है। वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में प्रख्यात त्रियुगीनारायण में वर्ष 2024 बीकेटीसी की आय 45 लाख 68 हजार से अधिक तक पहुंची। जबकि वर्ष 2025 में यह घटकर 34 लाख के करीब आ गई। पंच केदारों में से एक तुंगनाथ मंदिर से बीकेटीसी को 2024 में तीस लाख से अधिक की आय हुई तो, 2025 में यह घट कर 26 लाख के करीब पहुंच गयी। कालीमाई मंदिर से 2024 में 06 लाख 30 हजार की आय के मुकाबले 2025 में घट कर 05 लाख 43 हजार के करीब पहुंच गई। गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर एक मात्र ऐसा मंदिर रहा, जिसमें 2025 की आय 04 लाख 82 हजार के मुकाबले 2025 में 05 लाख 30 हजार की बढ़ोतरी हुई।
