पौष पूर्णिमा 2026: सत्यनारायण व्रत का विशेष महत्व

Untitled 1 copy 3

राजेन्द्र गुप्ता

हिंदू धर्म में पूर्णिमा की तिथि को बेहद शुभ माना गया है । इस दिन चंद्रमा अपनी सभी सोलह कलाओं से पूर्ण रहता है। साथ ही दिन दिन दान- स्नान करना मंगलकारी होता है। यहां हम बात करने जा रहे हैं पौष पूर्णिमा के बारे में, जो इस साल 3 जनवरी को पड़ेगी। मान्यता है कि इस पूर्णिमा पर दान, स्नान और तप करने से सुख- समृद्धि होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है। इस साल पौष पूर्णिमा पर अभिजीत मुहूर्त बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है।

पौष पूर्णिमा की तिथि

वैदिक पंचांग के मुताबिक पौष पूर्णिमा तिथि का आरंभ 2 जनवरी 2026 को शाम 06.54 बजे से होगा। साथ ही इस तिथि का अंत 3 जनवरी को दोपहर 03.31 बजे होगा। ऐसे में उदया तिथि को आधार मानते हुए पौष पूर्णिमा का व्रत 3 जनवरी 2026 को रखना ही उचित होगा। साथ ही इस दिन चंद्रमा का उदय शाम 6 बजकर 12 मिनट पर होगा।

पौष पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

पौष पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से धन- धान्य की प्राप्ति होती है। साथ ही  सूर्यदेव की विधिपूर्वक पूजा करने से मृत्योपरांत भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पूजा के साथ ही इस दिन स्नान-दान को भी विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन से ही कल्पवास की शुरुआत हो जाती है, जो कि अगले पूर्णिमा यानी माघ महीने तक चलता है। पूर्णिमा तिथि पर सफेद रंग की चीजों का दान करें. दूध, चावल, चीनी, चांदी, सफेद वस्त्र, सफेद चंदन और खीर का प्रसाद के रूप में वितरण किया जा सकता है।

सत्यनारायण व्रत क्यों जरूरी है?

शास्त्रों के अनुसार श्री सत्यनारायण असल में भगवान विष्णु हैं। उनके लिए व्रत रखने से सच्चाई, अच्छे काम और मज़बूत नैतिकता को बढ़ावा मिलता है। लोगों का मानना ​​है कि यह व्रत परिवार में आने वाली मुश्किलों को दूर करता है और पैसों की परेशानियों में मदद करता है। सबसे बढ़कर, यह घर में शांति और खुशी बनाए रखने के बारे में है।

पौष पूर्णिमा की सरल पूजन विधि

इस दिन प्रातःकाल स्नान के बाद व्रत और पूजा का संकल्प लें। स्वच्छ वस्त्र धारण करें और सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें। यदि संभव हो तो किसी पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके बाद सूर्य मंत्रों का जप करें। और अपनी श्रद्धा व क्षमता के अनुसार दान करें। रात में चंद्रमा के दर्शन कर ध्यान और प्रार्थना करें, क्योंकि मान्यता है कि पूर्णिमा की रात की गई साधना शीघ्र फल देती है।

पूर्णिमा पर क्या करें दान?

यदि कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो, तो पौष पूर्णिमा पर सफेद रंग की वस्तुओं का दान विशेष लाभ देता है। दूध, चावल, चीनी, चांदी, सफेद वस्त्र, सफेद चंदन और खीर का दान या वितरण किया जा सकता है। इसके साथ ही जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करने से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि होती है।

 

Spread the love

Today's Horoscope
Astrology homeslider Uttar Pradesh

आज का दिन किसके लिए रहेगा खास?

Today’s Horoscope मेष : आज धार्मिक कार्य सम्पन्न होगा। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। राजकाज में संघर्ष होगा। दैनिक रोजगार में प्रगति होगी। दिन अच्छा रहेगा। मन प्रसन्न होगा। कारोबार से लाभ होगा। दैनिक रोजगार नियमित रहेगा। मित्र से मिलाप होगा। सुखद समाचार मिलेंगे। वृष : दूर-समीप की यात्रा बनेगी। परिवार पर व्यय होगा। मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। […]

Spread the love
Read More
Astrology homeslider

त्रेता से द्वापर तक जीवित रहे ये 7 महान पात्र, रामायण-महाभारत में मिलता है वर्णन

अत्यंत महत्वपूर्ण रामायण और महाभारत दोनों युगों के साक्षी बने जो महान महापुऋष आचार्य संजय तिवारी Mahabharata : इन्होंने त्रेता से द्वापर तक जीवित रह कर अनेक भूमिकाएं निभाई भी है।भारतीय काल गणना के अनुसार रामायण त्रेता युग में हुआ और महाभारत द्वापर युग के अंत में। दोनों के बीच लगभग 8 से 9 लाख […]

Spread the love
Read More
Religion

वामन जयंती कल, भगवान विष्णु के वामन अवतार की होगी पूजा

Vaman Jayanti: वामन जयंती भगवान विष्णु के पांचवें अवतार (वामन अवतार) के प्रकट होने के उत्सव के रूप में मनाई जाती है। वर्ष 2026 में वामन जयंती 23 सितंबर, बुधवार के दिन मनाई जाएगी। तिथि के हिसाब से यह भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाई जाती है। श्रवण नक्षत्र के अभिजित […]

Spread the love
Read More