गाजियाबाद । लोनी के सानिया सिटी इलाके में 11 नवंबर की रात जो हुआ, वो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। 55 साल की नवासी बेगम घर के बाहर सो रही थीं। रात करीब 2 बजे एक युवक आया, तीन गोलियां चलाईं और चुपचाप चला गया। नवासी की मौके पर ही मौत हो गई। मंगलवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद शाकिब (25) और उसके साथी मोहम्मद शादाब (26) को गिरफ्तार कर लिया। शाकिब ने कबूल किया – “मां ने बेटी से शादी करने से रोका, इसलिए मार डाला।”
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि शाकिब और नवासी की सबसे छोटी बेटी (22) पिछले डेढ़ साल से रिलेशनशिप में थे। दोनों भागकर शादी करना चाहते थे। नवासी को पता चला तो उन्होंने बेटी की शादी कहीं और तय कर दी। बेटी ने आखिरी बार भी शादी की जिद की, मां ने मना कर दिया। उसी रात शाकिब ने बदला लिया। वो 12 नवंबर को अंतिम संस्कार में भी परिवार के साथ था, रोया भी – लेकिन किसी को शक नहीं हुआ।
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ACP सिद्धार्थ गौतम ने बताया, “शुरुआत में कोई CCTV नहीं था। क्राइम सीन से पता चला कि लूट या संपत्ति विवाद नहीं। फिर परिवार से पूछताछ की। बेटी का रिलेशन सामने आया। शाकिब को उठाया तो उसने सब कबूल कर लिया।” शाकिब ने शादाब से अवैध पिस्तौल ली थी। पुलिस ने हथियार और तीन जिंदा कारतूस बरामद कर लिए। शादाब पर साजिश और आर्म्स एक्ट के तहत केस। बेटी की भूमिका की जांच जारी है।
ये मामला ऑनर किलिंग की तरह लग रहा है। नवासी के नाम तीन प्लॉट थे, लेकिन मकसद सिर्फ शादी का विरोध था। पुलिस ने IPC 302, 120B और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया। दोनों आरोपी जेल भेजे गए।
