कई संगीन मुकदमे के मामले चल रहा था फरार
दर्ज थे 28 मुकदमे, सिपाही भी हुआ घायल
पुलिस को मौके से अवैध असलहा व कारतूस बरामद
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। पचास हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर समयदीन उर्फ सामा पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। शामली में मंगलवार को एनकाउंटर में ढेर हुए कुख्यात बदमाश समयदीन उर्फ सामा लूट, डकैती, चोरी व नकबजन जैसी संगीन वारदातों में काफी दिनों से फरार चल रहा था। समयदीन अंतरराज्यीय हिस्ट्रीशीटर था और शामली, सहारनपुर, कर्नाटक, तेलंगाना व जयपुर राजस्थान राज्य में कई घटनाओं को अंजाम दे चुका था। मुठभेड़ में कांस्टेबल अनुज यादव भी घायल हुआ है। पुलिस को मौके से एक पिस्टल, एक पिस्टल नाइन एमएम, एक अवैध तमंचा व भारी मात्रा में अलग-अलग बोर के कारतूस बरामद हुए हैं। समयदीन के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में कुल 28 मुकदमे दर्ज थे।
मूल रूप से कर्नाटक व हाल पता शामली जिले के कांधला थाना क्षेत्र स्थित मोहल्ला रायजादगान निवासी हिस्ट्रीशीटर समयदीन उर्फ सामा फिर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में था। इंस्पेक्टर थाना भवन बिजेंद्र सिंह के मुताबिक मंगलवार सुबह उन्हें मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि क्षेत्र के ग्राम भैसानी इस्लामपुर में कुछ लोग बंद पड़े ईंट भट्ठे के पास मौजूद हैं। इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह ने बताया कि इस सूचना थाना प्रभारी बाबरी राहुल सिसौदिया सहित भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी टीम पकड़ने के लिए जैसे ही घेरेबंदी की तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में गोली लगने से समयदीन उर्फ सामा घायल हो गया।, जबकि जवाबी कार्रवाई के दौरान गोली लगने से सिपाही अनुज यादव भी जख्मी हो गया। पुलिस बदमाश और घायल सिपाही को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने हिस्ट्रीशीटर समयदीन को मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ में ढेर हुए बदमाश के अन्य साथी मौके का फायदा उठाते हुए भाग निकले।
इंस्पेक्टर थाना भवन बिजेंद्र सिंह के मुताबिक समयदीन उर्फ सामा शातिर किस्म का अपराधी था और इसके खिलाफ शामली, तीन, तेलंगाना में तीन, कर्नाटक में एक सहित कुल सात मुकदमे में फरार चल रहा था। इसके अलावा लूट, डकैती, चोरी व नकबजन सहित कुल 28 मुकदमे दर्ज थे। बताया जा रहा है कि कुख्यात बदमाश समयदीन उर्फ सामा वर्तमान में कैथल हरियाणा में किसी महिला मित्र के साथ रह रहा था। इंस्पेक्टर थाना भवन बिजेंद्र सिंह ने बताया कि समयदीन अंतरराज्यीय हिस्ट्रीशीटर था और इसकी गिरफ्तारी के लिए उच्च अधिकारियों ने पचास हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।
