शाश्वत तिवारी
थिम्पू। भूटान में भारतीय राजदूत संदीप आर्य ने उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाओं (HICDP) के लिए भूटान के वित्त मंत्री को 120 करोड़ रुपये का चेक सौंपा। यह राशि HICDP परियोजनाओं के दूसरे बैच के लिए पहली किश्त के तौर पर सौंपी गई है। अब तक, भारत द्वारा 13वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान भूटान में HICDP के लिए 497 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा भारतीय राजदूत और भूटान के वित्त मंत्री ल्योनपो लेके दोरजी ने 23 अक्टूबर को भारत-भूटान विकास सहयोग कार्यक्रमों, विशेष रूप से HICDP के कार्यान्वयन की समीक्षा की। थिम्पू स्थित भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा उन्होंने परियोजना स्थलों का दौरा किया और निम्नलिखित परियोजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की: ‘देचेनचोलिंग में नॉर्थ सिटी बस टर्मिनल का निर्माण’, ‘सेंटेनरी फार्मर्स मार्केट (CFM) क्षेत्र के सामने बाज़ाम का निर्माण’ और ‘डांगलो-वूलुना चिवोग रोड पर काली सड़क बिछाना’, जो भूटान के सभी ज़ोंगखाग क्षेत्रों में भारत के सहयोग से कार्यान्वित की जा रही 572 एचआईसीडीपी परियोजनाओं का हिस्सा हैं।

भारत अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत विभिन्न क्षेत्रों में भूटान की निरंतर मदद करता रहा है। भारत की एचआईसीडीपी परियोजनाएं पेयजल आपूर्ति, सिंचाई नहरों, कृषि सड़कों, कृषि भूमि विकास, कृषि विपणन, स्वास्थ्य इकाइयों और अन्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों तक फैली हुई हैं और पूरे भूटान में समुदायों और समाजों को सीधे लाभान्वित करती हैं। जुलाई 2024 में 13वीं पंचवर्षीय योजना के प्रारंभ होने के बाद से भारत के सहयोग से 45 एचआईसीडीपी परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और शेष 527 कार्यान्वयनाधीन हैं।
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भारतीय दूतावास ने आगे कहा भारत ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2024-29) के दौरान HICDP के लिए 1,000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है। दिसंबर 2024 में 440 करोड़ रुपये की सहायता से शुरू की गई 275 परियोजनाओं के अनुवर्ती के रूप में 406 करोड़ रुपये की राशि वाली 297 एचआईसीडीपी परियोजनाओं के दूसरे बैच को भारत और भूटान सरकार द्वारा सितंबर 2025 में अनुमोदित किया गया था। परियोजना राशि सौंपने से जुड़े समारोह के दौरान, भारतीय राजदूत ने भूटान के लोगों के जीवन स्तर, आजीविका, सामाजिक कल्याण और संपर्क में सुधार के लिए HICDP के महत्व को रेखांकित किया। वहीं मंत्री दोरजी ने भूटानी लोगों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त किया।
